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बिना काम कराए 67.5 लाख का हुआ भुगतान
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जिले में जिला पंचायत की छह सड़कों पर बिना काम कराए 67.5 लाख रुपये गबन करने का मामला प्रकाश में आया है। इसमें तत्कालीन लेखाकार ने अपर मुख्य अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से फर्म के खाते में धनराशि का भुगतान कर दिया। इस मामले में तत्कालीन लेखाकार समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस कार्रवाई में जुटी है।
बताते चलें कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में लाखों की लागत से बनने वाली लखनी मुबारकपुर की सड़क के अवशेष भाग का कागजों में मरम्मत कर दो बार फर्जी भुगतान किया गया। इसी तरह मधुबन मार्ग पर लेपन कार्य, मधुबन शहीद मार्ग से मरम्मत कार्य, दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के पाउस में संपर्क का दो बार केवल कागजों में मरम्मत कर दिया गया। कुल मिलाकर जिला पंचायत की कुल छह सड़कों का बिना काम कराए तत्कालीन लेखाधिकारी जयप्रकाश मिश्रा ने अपर मुख्य अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अपने खास ठेकेदारों की फर्म के खाते में 17 अप्रैल 2021 को 67 लाख 57001 रुपये का भुगतान कर दिया गया। मामला पकड़ में आया तो जिला पंचायत में हड़कंप मच गया। जांच में हस्ताक्षर फर्जी मिलने पर अपर मुख्य अधिकारी ने गत दिनों शहर कोतवाली में तत्कालीन लेखाकार सहित तीन ठेकेदारों के विरुद्ध गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
कोट:
एसओ डीके श्रीवास्तव नेे बताया कि सरकारी धनराशि गबन के मामले में अपर मुख्य अधिकारी से मिली तहरीर पर तत्कालीन लेखाकार सहित तीन ठेकेदारों पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बताते चलें कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में लाखों की लागत से बनने वाली लखनी मुबारकपुर की सड़क के अवशेष भाग का कागजों में मरम्मत कर दो बार फर्जी भुगतान किया गया। इसी तरह मधुबन मार्ग पर लेपन कार्य, मधुबन शहीद मार्ग से मरम्मत कार्य, दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के पाउस में संपर्क का दो बार केवल कागजों में मरम्मत कर दिया गया। कुल मिलाकर जिला पंचायत की कुल छह सड़कों का बिना काम कराए तत्कालीन लेखाधिकारी जयप्रकाश मिश्रा ने अपर मुख्य अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अपने खास ठेकेदारों की फर्म के खाते में 17 अप्रैल 2021 को 67 लाख 57001 रुपये का भुगतान कर दिया गया। मामला पकड़ में आया तो जिला पंचायत में हड़कंप मच गया। जांच में हस्ताक्षर फर्जी मिलने पर अपर मुख्य अधिकारी ने गत दिनों शहर कोतवाली में तत्कालीन लेखाकार सहित तीन ठेकेदारों के विरुद्ध गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
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कोट:
एसओ डीके श्रीवास्तव नेे बताया कि सरकारी धनराशि गबन के मामले में अपर मुख्य अधिकारी से मिली तहरीर पर तत्कालीन लेखाकार सहित तीन ठेकेदारों पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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