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नाले के गंदे पानी से किसानों की 60 बीघे जमीन रहती है जलमग्न
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कोपागंज (मऊ)। स्थानीय नगर से निकलने वाले नाले के गंदे पानी ने काछीकला गांव के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नाले के पानी को समुचित अंजाम न दिए जाने के कारण उसका दूषित पानी खेती की जमीन को डुबो दिया है। इसके चलते 12 किसानों की 50 बीघे के जमीन पर पिछले तीन वर्षों से खेती नहीं हो पा रही है। पिछली बार एक किसान ने मौका पाकर किसी तरह गेहूं की बुवाई कर दी, लेकिन उसकी फसल लगातार पानी लगे रहने के कारण सड़ गई। थकहार किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर नगर पंचायत के खिलाफ शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई है।
कोपागंज नगर पंचायत से निकलने वाले मुख्य नाले की समुचित व्यवस्था न होने के चलते ओड़ियाना बाजार के पश्चिम काछीकला क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। नाला पूर्ण रूप से न बनने के चलते नगर पंचायत का गंदा पानी इधर उधर खेतों में बह रहा है। लिहाजा समूचा पानी का एक बड़ा हिस्सा आसपास के खेतों में बह जाता है। इससे लगभग 50 बीघे खेत तीन साल से लगातार जलमग्न है। उस पर खेती नहीं हो पा रही। नगर पंचायत प्रशासन नाले को छोटी सरयू तक पहुंचाने की बात कहता है, लेकिन सच तो यह है कि नाले का पानी आस पास के किसानों के खेतों को डुबो रहा है। इसके चलते प्रभावित किसानों में रोष बढ़ रहा है। इसे लेकर कई बार नगर पंचायत प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
कोपागंज के आनन्द स्वरूप तिवारी, अनुपम तिवारी, काछीकला के अनुपम राय, शेषकुमा,र शैलेश कुमार आदि किसानों का कहना है कि हम लोगों के पास नाले को ले जाकर छोड़ दिया गया है। नाले का गंदा पानी लगातार तीन सालों से खेतों में जमा हो रहा है। जिसके कारण बुवाई नहीं हो पा रही है। इससे भारी नुकसान हो रहा है। पानी का कोई निकासी न होने से सारा पानी किसानों के खेतों में बह रहा है।
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एक बार पानी से थोड़ा मौका पाकर उन्होंने गेहूं की बुवाई कर दी, लेकिन उसके बाद शुरू हुए लगातार जलजमाव के सिलसिले से समूची फसल सड़कर नष्ट हो गई। साथ ही गंदे पानी के खेतों में फैलने से मच्छरों के प्रकोप बढ़ता जा रहाहै। साथ ही साथ आस पास के लोगो का उससे उठने वाली दुर्गंध से जीना दूभर हो गया है।थकहार करीब आधा दर्जन से अधिक किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर नगर पंचायत की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
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कोपागंज नगर पंचायत से निकलने वाले मुख्य नाले की समुचित व्यवस्था न होने के चलते ओड़ियाना बाजार के पश्चिम काछीकला क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। नाला पूर्ण रूप से न बनने के चलते नगर पंचायत का गंदा पानी इधर उधर खेतों में बह रहा है। लिहाजा समूचा पानी का एक बड़ा हिस्सा आसपास के खेतों में बह जाता है। इससे लगभग 50 बीघे खेत तीन साल से लगातार जलमग्न है। उस पर खेती नहीं हो पा रही। नगर पंचायत प्रशासन नाले को छोटी सरयू तक पहुंचाने की बात कहता है, लेकिन सच तो यह है कि नाले का पानी आस पास के किसानों के खेतों को डुबो रहा है। इसके चलते प्रभावित किसानों में रोष बढ़ रहा है। इसे लेकर कई बार नगर पंचायत प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
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कोपागंज के आनन्द स्वरूप तिवारी, अनुपम तिवारी, काछीकला के अनुपम राय, शेषकुमा,र शैलेश कुमार आदि किसानों का कहना है कि हम लोगों के पास नाले को ले जाकर छोड़ दिया गया है। नाले का गंदा पानी लगातार तीन सालों से खेतों में जमा हो रहा है। जिसके कारण बुवाई नहीं हो पा रही है। इससे भारी नुकसान हो रहा है। पानी का कोई निकासी न होने से सारा पानी किसानों के खेतों में बह रहा है।
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एक बार पानी से थोड़ा मौका पाकर उन्होंने गेहूं की बुवाई कर दी, लेकिन उसके बाद शुरू हुए लगातार जलजमाव के सिलसिले से समूची फसल सड़कर नष्ट हो गई। साथ ही गंदे पानी के खेतों में फैलने से मच्छरों के प्रकोप बढ़ता जा रहाहै। साथ ही साथ आस पास के लोगो का उससे उठने वाली दुर्गंध से जीना दूभर हो गया है।थकहार करीब आधा दर्जन से अधिक किसानों ने रविवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर नगर पंचायत की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।