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Mau News: 48 अस्पतालों में 35 हजार मरीजों को मिला निशुल्क उपचार
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मऊ। जिले के 756981 आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज जिले के 48 अस्पतालों में निशुल्क मिल रहा है। जल्द ही योजना में सात और निजी अस्पतालों को जोड़ने की योजना है। सितंबर 2018 से अब तक जिले में 35 हजार से ज्यादा मरीजों का उपचार इस योजना के तहत निशुल्क किया जा चुका है।
सीएमओ डॉ. नंदकुमार ने बताया कि वर्तमान में आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बनाने का लक्ष्य - 756981 है। इसके तुलना में अब तक जिले में 620128 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके है। वहीं 136853 लाभार्थियों का कार्ड बनाया जाना बाकी है। बताया कि योजना के तहत 23 सरकारी और 25 निजी अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। इसके तहत 35188 मरीजाें का उपचार इन अस्पतालों में मिल चुका है, जिसमें लाभार्थियों के उपचार में 37 करोड़ की राशि खर्च की गई है।वहीं लाभार्थियों को जिले में ओर बेहतर उपचार योजना के तहत मिल सके उसके लिए जिले के सात निजी अस्पतालों को भी इस योजना के तहत जोड़ने की कवायद की जा रही है।बताया कि जिला की आयुष्मान कार्ड बनाने और उपचार दिलाने में जनपद की प्रदेश में रैंकिंग 17 वीं रैकिंग है। जबकि मंडल में जिले की दूसरी रैंकिंग है।
छह यूनिट वाले राशन कार्डधारकों बनता है आयुष्मान कार्ड
मऊ। ग्रामीण अंचलों आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंच कर लोगों की रिपोर्ट तैयार करती हैं। छह यूनिट राशन कार्ड धारकों की सूची तैयार कर पंचायत सहायकों को दी जाती है। जहां पंचायत सहायक परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनाते हैं। योजना के तहत पांच लाख तक के मुफ्त उपचार की व्यवस्था की गई है। गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार के लिए आयुष्मान कार्ड संजीवनी के सामान है। इससे गंभीर बीमारियों से उपचार कराने में सहूलियत मिलती है।
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सीएमओ डॉ. नंदकुमार ने बताया कि वर्तमान में आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बनाने का लक्ष्य - 756981 है। इसके तुलना में अब तक जिले में 620128 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके है। वहीं 136853 लाभार्थियों का कार्ड बनाया जाना बाकी है। बताया कि योजना के तहत 23 सरकारी और 25 निजी अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। इसके तहत 35188 मरीजाें का उपचार इन अस्पतालों में मिल चुका है, जिसमें लाभार्थियों के उपचार में 37 करोड़ की राशि खर्च की गई है।वहीं लाभार्थियों को जिले में ओर बेहतर उपचार योजना के तहत मिल सके उसके लिए जिले के सात निजी अस्पतालों को भी इस योजना के तहत जोड़ने की कवायद की जा रही है।बताया कि जिला की आयुष्मान कार्ड बनाने और उपचार दिलाने में जनपद की प्रदेश में रैंकिंग 17 वीं रैकिंग है। जबकि मंडल में जिले की दूसरी रैंकिंग है।
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छह यूनिट वाले राशन कार्डधारकों बनता है आयुष्मान कार्ड
मऊ। ग्रामीण अंचलों आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंच कर लोगों की रिपोर्ट तैयार करती हैं। छह यूनिट राशन कार्ड धारकों की सूची तैयार कर पंचायत सहायकों को दी जाती है। जहां पंचायत सहायक परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनाते हैं। योजना के तहत पांच लाख तक के मुफ्त उपचार की व्यवस्था की गई है। गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार के लिए आयुष्मान कार्ड संजीवनी के सामान है। इससे गंभीर बीमारियों से उपचार कराने में सहूलियत मिलती है।
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