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सदका और खैरात की है बड़ी फजीलत
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:15 PM IST
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मझवारा। सदका और खैरात की बड़ी फजीलत है। कुरआन के मुताबिक माहे रमजान में एक दाना खर्च करने का सवाब सात गुना मिलता है। लोगों को इस माहे मुकद्दस में सदा व खैरात करना चाहिए।
उक्त बातें पवनी मस्जिद के हाफिज जफर अहमद ने कही। उन्होंने कुरआन व हदीस का हवाला देते हुए कहा कि रमजान वह महीना है जो न सिर्फ बुराइयों पर पूरी तरह रोक लगा देता बल्कि गुनाहों की मगफेरत का जरिया साबित होता है। इबादतों, रियाजतों के साथ इस माहे मुबारक में सदका व खैरात करने वाले अल्लाह के नजदीक काफी पसंद किए जाते हैं। रमजान माह में किए गए सदका और खैरात के बदले बेशुमार बरकतें हासिल होती हैं। कहा कि नबी-ए-करीम मुहम्मद सल्ल. की फैयाजी व सखावत इस माहे मुबारक में बढ़ जाती थी।
यही वजह है कि इस माह में आप अल्लाह की राह में दिल खोल कर खर्च किया करते थे। यहां तक कि सहाबा एकराम से भी माहे रमजान में दिल खोल कर अल्लाह की राह में खर्च करने को कहा करते थे। मौलाना ने बताया कि अल्लाह की राह में खर्च करने से रोजेदारों व अल्लाह के फरमा बरदारों की मदद होती है। इसलिए लोगों को जरूरतमंदों की दिलखोल कर मदद करना चाहिए। कहा कि इस माहे मुबारक के बहाने अल्लाह अपने बंदों को नेकी की दावत देता है। इसका लोगों को भरपूर फायदा उठाना चाहिए।
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उक्त बातें पवनी मस्जिद के हाफिज जफर अहमद ने कही। उन्होंने कुरआन व हदीस का हवाला देते हुए कहा कि रमजान वह महीना है जो न सिर्फ बुराइयों पर पूरी तरह रोक लगा देता बल्कि गुनाहों की मगफेरत का जरिया साबित होता है। इबादतों, रियाजतों के साथ इस माहे मुबारक में सदका व खैरात करने वाले अल्लाह के नजदीक काफी पसंद किए जाते हैं। रमजान माह में किए गए सदका और खैरात के बदले बेशुमार बरकतें हासिल होती हैं। कहा कि नबी-ए-करीम मुहम्मद सल्ल. की फैयाजी व सखावत इस माहे मुबारक में बढ़ जाती थी।
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यही वजह है कि इस माह में आप अल्लाह की राह में दिल खोल कर खर्च किया करते थे। यहां तक कि सहाबा एकराम से भी माहे रमजान में दिल खोल कर अल्लाह की राह में खर्च करने को कहा करते थे। मौलाना ने बताया कि अल्लाह की राह में खर्च करने से रोजेदारों व अल्लाह के फरमा बरदारों की मदद होती है। इसलिए लोगों को जरूरतमंदों की दिलखोल कर मदद करना चाहिए। कहा कि इस माहे मुबारक के बहाने अल्लाह अपने बंदों को नेकी की दावत देता है। इसका लोगों को भरपूर फायदा उठाना चाहिए।
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