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Mau News: जिले मेें 22 जुलाई को रोपे जाएंगे 26.62 लाख पौधे
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मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर जनपद स्तरीय पौधरोपण एवं गंगा समिति की बैठक हुई। जिसमें पौधरोपण समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान डीएफओ डोबरिया चिंतन प्रभुभाई ने बताया कि पौधरोपण का कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न किया जाना है, जिसके तहत कुल 31.53 लाख पौधरोपण का कार्य किया जाना है। प्रथम चरण में 22 जुलाई को कुल 26.62 लाख एवं द्वितीय चरण 15 अगस्त को कुल 4.91 लाख पौधारोपण का लक्ष्य जनपद के लिए निर्धारित है। इसके तहत पर्यावरण विभाग के लिए 141000, ग्राम विकास विभाग के लिए 1079000, पुलिस विभाग के लिए 38180, औद्योगिक विकास विभाग के लिए 4000, नगर विकास विभाग के लिए 16000, लोक निर्माण विभाग के लिए 10000,सिंचाई विभाग के लिए 10000, कृषि विभाग के लिए 181000 पशुपालन विभाग के लिए 3000 सहित विभिन्न विभागों को पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी ने विभाग बार आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष गड्ढों की खुदाई एवं पौधे उठान की विस्तार से जानकारी लेते हुए सभी संबंधित विभागों को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पौधरोपण करने का निर्देश दिया है। कहा कि पौधरोपण कार्यक्रम शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें। पौधरोपण के साथ ही जियो टैगिंग का भी कार्य किया जाना है। इसके लिए हरीतिमा एप पर पौधारोपण का टैगिंग कार्य किया जाना है। पशुपालन विभाग के लिए आवंटित कम लक्ष्य को देखते हुए जिलाधिकारी ने समस्त गौशालाओं तथा उसके आसपास खाली स्थलों पर छायादार पौधे लगाने का निर्देश दिया है।
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उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को कलेक्ट्रेट परिसर के पास स्थित तालाब के निकट अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीनों पर भी सघन वन लगाने का निर्देश दिया।
जिला गंगा समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में बहने वाली दोनों नदियों तमसा एवं सरयू के किनारे बसे गांव एवं नगरीय क्षेत्रों के खाली स्थलों पर सघन पौधरोपण करने का निर्देश दिया। उन्होंने नदियों के किनारे एक किलोमीटर तक के दायरे में किसी भी प्रकार के ठोस अपशिष्ट पदार्थ को डंप न करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने तमसा एवं सरयू ग्राम नाम से नदियों के किनारे बसे गांवों में एक समिति का गठन करने के भी निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिया, जो संबंधित ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कार्य करेगी। नदियों के किनारे विकसित घाटों विशेषकर दोहरीघाट एवं गौ घाट पर नियमित योगा कार्यक्रम एवं आरती कार्यक्रम का भी आयोजन कराए जाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, डीएफओ आदि शामिल रहे।
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बैठक के दौरान डीएफओ डोबरिया चिंतन प्रभुभाई ने बताया कि पौधरोपण का कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न किया जाना है, जिसके तहत कुल 31.53 लाख पौधरोपण का कार्य किया जाना है। प्रथम चरण में 22 जुलाई को कुल 26.62 लाख एवं द्वितीय चरण 15 अगस्त को कुल 4.91 लाख पौधारोपण का लक्ष्य जनपद के लिए निर्धारित है। इसके तहत पर्यावरण विभाग के लिए 141000, ग्राम विकास विभाग के लिए 1079000, पुलिस विभाग के लिए 38180, औद्योगिक विकास विभाग के लिए 4000, नगर विकास विभाग के लिए 16000, लोक निर्माण विभाग के लिए 10000,सिंचाई विभाग के लिए 10000, कृषि विभाग के लिए 181000 पशुपालन विभाग के लिए 3000 सहित विभिन्न विभागों को पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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जिलाधिकारी ने विभाग बार आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष गड्ढों की खुदाई एवं पौधे उठान की विस्तार से जानकारी लेते हुए सभी संबंधित विभागों को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पौधरोपण करने का निर्देश दिया है। कहा कि पौधरोपण कार्यक्रम शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें। पौधरोपण के साथ ही जियो टैगिंग का भी कार्य किया जाना है। इसके लिए हरीतिमा एप पर पौधारोपण का टैगिंग कार्य किया जाना है। पशुपालन विभाग के लिए आवंटित कम लक्ष्य को देखते हुए जिलाधिकारी ने समस्त गौशालाओं तथा उसके आसपास खाली स्थलों पर छायादार पौधे लगाने का निर्देश दिया है।
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उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को कलेक्ट्रेट परिसर के पास स्थित तालाब के निकट अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीनों पर भी सघन वन लगाने का निर्देश दिया।
जिला गंगा समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में बहने वाली दोनों नदियों तमसा एवं सरयू के किनारे बसे गांव एवं नगरीय क्षेत्रों के खाली स्थलों पर सघन पौधरोपण करने का निर्देश दिया। उन्होंने नदियों के किनारे एक किलोमीटर तक के दायरे में किसी भी प्रकार के ठोस अपशिष्ट पदार्थ को डंप न करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने तमसा एवं सरयू ग्राम नाम से नदियों के किनारे बसे गांवों में एक समिति का गठन करने के भी निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिया, जो संबंधित ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कार्य करेगी। नदियों के किनारे विकसित घाटों विशेषकर दोहरीघाट एवं गौ घाट पर नियमित योगा कार्यक्रम एवं आरती कार्यक्रम का भी आयोजन कराए जाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, डीएफओ आदि शामिल रहे।