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44 पीएचसी पर 1987 मरीजों को मिला उपचार
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जिले में रविवार को नगर के चार अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित जिले के 44 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला का आयोजन किया गया। मेले में 117 डाक्टरों की टीम ने 1987 मरीजों का उपचार किया। इस दौरान बेहतर उपचार के लिए 17 मरीजों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल और सीएचसी रेफर कर किया गया। मेले में हर बार की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा उपचार का रिकार्ड चिरैयाकोट पीएचसी का रहा, जहां 158 मरीजों को उपचार मिला। पिछली बार यहां 183 मरीजों का उपचार हुआ था।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का आयोजन के क्रम रविवार को जिले के सभी 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला का आयोजन हुआ। इस दौरान हनुमान नगर में 83 मरीज का उपचार हुआ। वहीं भरुहू का पुरा में 47 मरीजों का और छोटी महरनिया में 34 और डोमनपुरा में 66 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं 98 मरीजों का उपचार रसूलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ। सबसे कम मरीजों का उपचार गोठा पर हुआ, यहां केवल 11 मरीजों का उपचार हुआ। इसीक्रम में मधुबन पीएचसी पर 70, काझाखुर्द पीएचसी पर 57, रैनी पीएचसी पर 33, नेमडाड पीएचसी पर 35, हलधरपुर पर 34 , दुबारी पीएचसी पर 51 मरीजों उपचार किया। मेले में 117 डाक्टरों की टीम ने 329 स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से 1987 मरीजों का उपचार किया। मेले में 71 आयुष्मान लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित करने के साथ 16 मरीजों का प्राथमिक उपचार के उन्हें जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर किया गया।
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मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का आयोजन के क्रम रविवार को जिले के सभी 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला का आयोजन हुआ। इस दौरान हनुमान नगर में 83 मरीज का उपचार हुआ। वहीं भरुहू का पुरा में 47 मरीजों का और छोटी महरनिया में 34 और डोमनपुरा में 66 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं 98 मरीजों का उपचार रसूलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ। सबसे कम मरीजों का उपचार गोठा पर हुआ, यहां केवल 11 मरीजों का उपचार हुआ। इसीक्रम में मधुबन पीएचसी पर 70, काझाखुर्द पीएचसी पर 57, रैनी पीएचसी पर 33, नेमडाड पीएचसी पर 35, हलधरपुर पर 34 , दुबारी पीएचसी पर 51 मरीजों उपचार किया। मेले में 117 डाक्टरों की टीम ने 329 स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से 1987 मरीजों का उपचार किया। मेले में 71 आयुष्मान लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित करने के साथ 16 मरीजों का प्राथमिक उपचार के उन्हें जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर किया गया।
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