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Mau News: 158 एक्सपायर दवाईयां निकली सात लाख रुपये की, 24 दवाइयां का मिलान अब भी बाकी
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मऊ/रतनपुरा। जिले में एक्सपायरी दवाइयां के मामले में शुक्रवार को एक नया खुलासा हुआ। पांच सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट के बाद रतनपुरा सीएचसी के चार कमरों में डंप मिली 158 सरकारी दवाइयों की कीमत सात लाख रुपये निर्धारित की गई। अब भी 24 प्रकार की दवाइयों का मिलान बाकी है, इसके बाद एक्सपायर दवाइयों की कीमत और बढ़ने की संभावना है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट महानिदेशक स्वास्थ्य को भेजा है। जिससे इस मामले में दोषी केंद्र प्रभारी, फार्मासिस्ट के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सकें।
27 नवंबर को सीएमओ डा. नरेश अग्रवाल ने रतनपुरा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान स्टोर रूम का ताला बंद मिलने और निवर्तमान फार्मासिस्ट द्वारा प्रतापगढ़ स्थानांतरण होने के बाद भी चाबी नहीं देने की बात सामने आई थी। इस पर सीएमओ ने कमरे का ताला तोड़वाया था, जहां कमरे से कुल 60 प्रकार की दवा निकाली गई थी। इसकी कीमत कुल एक लाख 60 हजार 844 रुपये आंकी गई थी।
इसी क्रम में सात दिसबंर को पांच सदस्यीय टीम ने पहले कमरे से 22 प्रकार की दवा निकाली थी। इसकी कीमत एक लाख 13 हजार 579 मिली। दूसरे कमरे से 19 प्रकार की दवा मिली। इसकी कुल कीमत तीन लाख 21 हजार 568 रुपये पाई गई। वहीं तीसरे कमरे से मिली दवाओं की संख्या 16 थी। इसका सरकारी दर एक लाख दो हजार 725 पाया गया। जबकि चौथे कमरे से सात प्रकार की मिली दवाओं की कीमत कुल 15 हजार 875 थी। हालांकि अभी 24 प्रकार की दवाओं का दर का मिलान नहीं हो सका। वहीं दस प्रकार की दवा एक्सपायर नहीं मिली, जिस पर इसका प्रयोग किया जाएगा।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद एक रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजा गया है। शासन के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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27 नवंबर को सीएमओ डा. नरेश अग्रवाल ने रतनपुरा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान स्टोर रूम का ताला बंद मिलने और निवर्तमान फार्मासिस्ट द्वारा प्रतापगढ़ स्थानांतरण होने के बाद भी चाबी नहीं देने की बात सामने आई थी। इस पर सीएमओ ने कमरे का ताला तोड़वाया था, जहां कमरे से कुल 60 प्रकार की दवा निकाली गई थी। इसकी कीमत कुल एक लाख 60 हजार 844 रुपये आंकी गई थी।
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इसी क्रम में सात दिसबंर को पांच सदस्यीय टीम ने पहले कमरे से 22 प्रकार की दवा निकाली थी। इसकी कीमत एक लाख 13 हजार 579 मिली। दूसरे कमरे से 19 प्रकार की दवा मिली। इसकी कुल कीमत तीन लाख 21 हजार 568 रुपये पाई गई। वहीं तीसरे कमरे से मिली दवाओं की संख्या 16 थी। इसका सरकारी दर एक लाख दो हजार 725 पाया गया। जबकि चौथे कमरे से सात प्रकार की मिली दवाओं की कीमत कुल 15 हजार 875 थी। हालांकि अभी 24 प्रकार की दवाओं का दर का मिलान नहीं हो सका। वहीं दस प्रकार की दवा एक्सपायर नहीं मिली, जिस पर इसका प्रयोग किया जाएगा।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद एक रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजा गया है। शासन के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।