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जोश और जज्बे से किया रक्तदान
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स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक परिसर में शुक्रवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 15 लोग रक्तदार कर महादानी बने। रक्तदाताओं को रक्तदान के बाद पौधा भेंट किया गया। सभी महादानियों ने अमर उजाला की इस पहल की खुलकर सराहना की।
रक्तदान शिविर का शुभारंत जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी तथा सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने किया। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाओं या आपरेशन के दौरान रक्त की कमी से प्रतिदिन हजारों लोग जीवन त्याग देते हैं। ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास है कि बेहद सराहनीय है। सुबह दस बजे शुभारंभ के बाद महादानी के रूप में कासिमपुर निवासी बृजमोहन पांडेय ने रक्तदान किया। इसके बाद दूसरे रक्तदाता आर्य समाज निवासी मनीष आर्या और तीसरे रक्तदाता रैनी निवासी दयासागर राय रहे। इसके बाद शुरू हुआ रक्तदान का सिलसिला जो दोपहर तीन बजे तक चलता रहा। शिविर की समाप्ति तक 15 लोग रक्तदान कर चुके थे। शिविर में महिलाओं की भागीदारी भी रही। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अमर उजाला की ही देन है कि जनपद के लोगों में अन्य जनपदों की अपेक्षा रक्तदान के प्रति ज्यादा जागरूकता है।
ब्लड बैंक के चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक तिवारी तथा डॉ. सरिता ने रक्तदान करने वालों को प्रमाण पत्र देने के साथ ही उन्हें रक्तदान की महत्ता के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि लोगों को यह भ्रम है कि रक्तदान करने से सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ता है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। चिकित्सा विज्ञान की मानें तो एक स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम तीन बार रक्तदान करना चाहिए। कहा कि अब जबकि डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, ऐसे में ब्लड बैंकों पर प्लेटलेट्स की मांग बढ़ जाएगी। प्लेटलेटस भी तभी तैयार होगा, जब ब्लड बैंक में अलग-अलग ग्रुप के ब्लड रहेंगे। इस मौके पर जितेंद्र विश्वकर्मा, जूही चावला, चंद्रप्रभा, राकेश शर्मा, अशोक कुमार, रामशंकर यादव, मनोज कुमार, भीम सहित अन्य ब्लड बैंक के कर्मचारी मौजूद रहे।
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रक्तदान शिविर का शुभारंत जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी तथा सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने किया। जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाओं या आपरेशन के दौरान रक्त की कमी से प्रतिदिन हजारों लोग जीवन त्याग देते हैं। ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास है कि बेहद सराहनीय है। सुबह दस बजे शुभारंभ के बाद महादानी के रूप में कासिमपुर निवासी बृजमोहन पांडेय ने रक्तदान किया। इसके बाद दूसरे रक्तदाता आर्य समाज निवासी मनीष आर्या और तीसरे रक्तदाता रैनी निवासी दयासागर राय रहे। इसके बाद शुरू हुआ रक्तदान का सिलसिला जो दोपहर तीन बजे तक चलता रहा। शिविर की समाप्ति तक 15 लोग रक्तदान कर चुके थे। शिविर में महिलाओं की भागीदारी भी रही। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अमर उजाला की ही देन है कि जनपद के लोगों में अन्य जनपदों की अपेक्षा रक्तदान के प्रति ज्यादा जागरूकता है।
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ब्लड बैंक के चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक तिवारी तथा डॉ. सरिता ने रक्तदान करने वालों को प्रमाण पत्र देने के साथ ही उन्हें रक्तदान की महत्ता के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि लोगों को यह भ्रम है कि रक्तदान करने से सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ता है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। चिकित्सा विज्ञान की मानें तो एक स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम तीन बार रक्तदान करना चाहिए। कहा कि अब जबकि डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, ऐसे में ब्लड बैंकों पर प्लेटलेट्स की मांग बढ़ जाएगी। प्लेटलेटस भी तभी तैयार होगा, जब ब्लड बैंक में अलग-अलग ग्रुप के ब्लड रहेंगे। इस मौके पर जितेंद्र विश्वकर्मा, जूही चावला, चंद्रप्रभा, राकेश शर्मा, अशोक कुमार, रामशंकर यादव, मनोज कुमार, भीम सहित अन्य ब्लड बैंक के कर्मचारी मौजूद रहे।
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