फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   जिले के पशु आश्रय स्थलों का हाल बेहाल

जिले के पशु आश्रय स्थलों का हाल बेहाल

Wed, 05 Jun 2019 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2019 12:24 AM IST
विज्ञापन
जिले के पशु आश्रय स्थलों का हाल बेहाल
जिले में मौजूद 21 पशु आश्रय स्थलों की दशा काफी खराब है। सरकार द्वारा पशुओं के भरण पोषण के लिए दी जा रही धनराशि इन पर खर्च नहीं की जा रही है। यही वजह है कि पशुआश्रय स्थलों पर रखे गए गोवंश मर रहे हैं। जल्दी ही रतनपुरा स्थित पशु आश्रय स्थल में कई गोवंश चारा और पानी के अभाव में मर गए। जिले की अन्य पशुशालाओं की हालत काफी खस्ता है। इन पशुओं को पानी, चारा और छाजन के लिए एक करोड़ 20 लाख रूपए प्रदेश सरकार से मिले हैं लेकिन विभाग आधी रकम ही खर्च कर सका है। स्थिति यह है कि धूप और गर्मी में पशु चारे के संकट से जूझते हुए मर रहे हैं।
विज्ञापन

शासन से इन आश्रय स्थलों के निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये मिले थे। जिले में कुल 21 पशु आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इनमें 945 गोवंश इन आश्रय स्थलों में हैं। इनके भरण पोषण के लिए एक करोड़ रुपये मिले हैं। नगर पालिका में 64 पशु रखे गए हैं। नगर पंचायत में पांच, अमिला नगर पंचायत में पांच, घोसी नगर पंचायत में 15, दोहरीघाट नगर पंचायत में 13, मुहम्मदाबाद गोहना में 10 वलीदपुर नगर पंचायत में 23, मधुबन नगर पंचायत में 17 , चिरैयाकोट नगर पंचायत में 10 पशु रखे गए हैं। इस प्रकार नगर पालिका सहित नौ नगर पंचायतों में केवल 169 पशु ही पशु आश्रय केंद्रों में रखे गए हैं। कोपागंज नगर पंचायत में एक भी पशु नहीं हैं। जबकि इसके विपरीत
विज्ञापन

परदहा ब्लाक के रणवीरपुर में150 गोवंश, सरयां में114 गोवंश, फतेहपुर मंडाव ब्लाक के केशव पुर सुल्तानीपुर में 22 पशु , दरगाह में 61 गोवंश,चंद्रापार में 101 गोवंश घोसी ब्लाक के मझवारा में 28 गोवंश, रानीपुर ब्लाक के मिर्जापुर में 60 पशु मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के कुतुबपुर धनोवा में 38 पशु रखे गए हैं। रतनपुरा में सर्वाधिक180 गोवंश रखे गए हैं। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्र के पशु आश्रय स्थलों पर कुल 776 गोवंश रखे गए हैं। दो सप्ताह पूर्व यहीं से 15 गोवंश लापता हो गए थे। शिकायत की गई कि अपेक्षित चारा के अभाव में ये गोवंश मर गए। यहां पर पशु आश्रय स्थल भी अधूरा है। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि ये गोवंश अधूरी चहारदीवारी के चलते भाग गए। इन पशु आश्रय स्थलों में पशुओं की देख रेख के लिए सफाई कर्मियों को लगाया गया है। लोगों का आरोप है कि पशु आश्रय स्थलों में सीमेंट सीट वाले कमरों में रखे गए पशु इस भीषण गर्मी में बेेहाल है। इन्हें संतुलित आहार नहीं दिया जा रहा है। सूखा भूसा से उन्हें पेट भरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed