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अघोषित बिजली कटौती से दिनभर ग्रामीण परेशान
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मई माह में पड़ रही भीषण गर्मी में जहां एक तरफ लोग गर्मी से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग द्वारा की जा रही अघोषित कटौती ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। अघोषित कटौती की समस्या सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में है, जहां बिजली की आंख मिचौली का खेल दिनभर चलता ही रहता है। इससे ना केवल ग्रामीणों को गर्मी से जूझना पड़ रहा है बल्कि पेयजल समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
बताते चले कि दोहरीघाट विकास खंड क्षेत्र के जीवापार पावर हाऊस से सूरजपुर, चकउथ, सरफोरा, दरगाह, सिकडिकोल, मित्तनपुर, बंधनपुर, रसूलपुर, सूरजपुर, परिखापुर, मिश्रौली, कोटिया सहित 20 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। लेकिन बीते एक माह से बिजली की अघोषित कटौती की जा रही हैं। ग्रामीण डॉ. लाल बहादुर यादव, आरबी त्रिपाठी, राहुल दूबे, विकास गुप्ता, राजू विश्वकर्मा, अशोक जायसवाल आदि ने बताया कि बिजली कटौती का आलम यह है कि वहां मामूली हवा का झोंका आते ही गांवों की बिजली बंद कर देते है। पूछने पर एक ही रट रटाया जवाब की बिजली जिला मुख्यालय से ही बंद है। बिजली की कटौती के कारण इस गर्मी के मौसम में गांवों की पेयजल व्यवस्थाओं का भी हाल बुरा हो रखा है, जहां बिजली कटौती का खामियाजा जनता के साथ साथ जलदाय विभाग को भी भुगतना पड़ता है। इसको लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बाबत एसडीओ विवेक पांडेय का कहना है कि शेडयुल के अनुसार ही बिजली कटौती की जा रही है।
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बताते चले कि दोहरीघाट विकास खंड क्षेत्र के जीवापार पावर हाऊस से सूरजपुर, चकउथ, सरफोरा, दरगाह, सिकडिकोल, मित्तनपुर, बंधनपुर, रसूलपुर, सूरजपुर, परिखापुर, मिश्रौली, कोटिया सहित 20 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। लेकिन बीते एक माह से बिजली की अघोषित कटौती की जा रही हैं। ग्रामीण डॉ. लाल बहादुर यादव, आरबी त्रिपाठी, राहुल दूबे, विकास गुप्ता, राजू विश्वकर्मा, अशोक जायसवाल आदि ने बताया कि बिजली कटौती का आलम यह है कि वहां मामूली हवा का झोंका आते ही गांवों की बिजली बंद कर देते है। पूछने पर एक ही रट रटाया जवाब की बिजली जिला मुख्यालय से ही बंद है। बिजली की कटौती के कारण इस गर्मी के मौसम में गांवों की पेयजल व्यवस्थाओं का भी हाल बुरा हो रखा है, जहां बिजली कटौती का खामियाजा जनता के साथ साथ जलदाय विभाग को भी भुगतना पड़ता है। इसको लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बाबत एसडीओ विवेक पांडेय का कहना है कि शेडयुल के अनुसार ही बिजली कटौती की जा रही है।
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