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निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:08 AM IST
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मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जनपदीय इकाई के तत्वाधान में शुक्रवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश के सात जनपदों एवं पांच प्रमुख शहरों को प्रदेश सरकार द्वारा निजी क्षेत्र में देने के विरोध में बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जनपद में उर्जा क्षेत्र में कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, संविदाकर्मियों ने हाईडिल कालोनी स्थित शिव मंदिर पर निजीकरण के विरोध में विरोध प्रदर्शन कर सरकार के विरोध में नारा लगाया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अधीक्षण अभियंता ईं. एसएस प्रसाद ने कहा कि शासन एवं प्रबंधन द्वारा बिजली उद्योग के सात जनपदों एवं पांच महानगरों को निजी क्षेत्र में देने का निर्णय लिया है, यह निर्णय किसी भी प्रकार से ना तो बिजली उद्योग के लिए हितकर है ना जनता के लिए। बिजली विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी लगन के साथ अपना कर्तव्य निर्वहन करते हैं। ई. अरविंद यादव ने कहा कि यदि सरकार अपना फैसला तुरंत वापस नहीं लेती है तो 27 मार्च को एक नि का कार्य बाहिष्कार किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दिया कि यदि किसी भी कर्मचारी का उत्पीडंन किया गया तो जनपद के सभी कर्मचारी अधिकारी अनिश्चितकालीन कार्य बाहिष्कार पर चले जाएंगे। इस अवसर पर ईं. रवि प्रताप, ईं. अमित गुप्ता, ई. भानु प्रताप सिंह, ईं. पवन कुमार तिवारी, सूर्यदेव पांडेय, रघुनंदन यादव, रविंद्र यादव, देवेंद्र उपाध्याय आदि रहे।
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इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अधीक्षण अभियंता ईं. एसएस प्रसाद ने कहा कि शासन एवं प्रबंधन द्वारा बिजली उद्योग के सात जनपदों एवं पांच महानगरों को निजी क्षेत्र में देने का निर्णय लिया है, यह निर्णय किसी भी प्रकार से ना तो बिजली उद्योग के लिए हितकर है ना जनता के लिए। बिजली विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी लगन के साथ अपना कर्तव्य निर्वहन करते हैं। ई. अरविंद यादव ने कहा कि यदि सरकार अपना फैसला तुरंत वापस नहीं लेती है तो 27 मार्च को एक नि का कार्य बाहिष्कार किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दिया कि यदि किसी भी कर्मचारी का उत्पीडंन किया गया तो जनपद के सभी कर्मचारी अधिकारी अनिश्चितकालीन कार्य बाहिष्कार पर चले जाएंगे। इस अवसर पर ईं. रवि प्रताप, ईं. अमित गुप्ता, ई. भानु प्रताप सिंह, ईं. पवन कुमार तिवारी, सूर्यदेव पांडेय, रघुनंदन यादव, रविंद्र यादव, देवेंद्र उपाध्याय आदि रहे।
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