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गांवों में होने वाले विकास कार्यो पर नजर रखेंगे जनपदस्तरीय अधिकारी
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:41 PM IST
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अब गांवों में विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाले विकास कार्यो में फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं होगा। नवागत जिलाधिकारी ने लाखों की लागत से होने वाले विकास कार्यो पर मानीटरिंग करने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायतों में एक-एक जिलास्तरीय अधिकारी की तैनाती की जाएगी। तैनात नोडल अधिकारी विकास कार्यों की समीक्षा कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट करेंगे।
जिले में मौजूद 92 न्याय पंचायतों के अधीन 675 ग्राम पंचायतें मौजूद हैं। शासन की तरफ से गांवों मेें शासन की तरफ से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत विकास कार्य कराए जा रहे हैं। लेकिन ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी सहित विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। कई गांवों में कराए गए विकास कार्यो में फर्जीवाड़ा उजागर भी हुआ है। लाखों की लागत से हो रहे निर्माण कार्य मेें घटिया सामग्री प्रयोग करने के विरोध मेें ग्रामीण प्रदर्शन भी कर चुके हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए नवागत जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने अभिनव प्रयोग शुरू किया है। जनपद में 92 न्याय पंचायतें हैं। प्रत्येक न्याय पंचायतों में दो से छह गांव आते हैं। गांवों में कराए जा रहे विकास कार्यो पर नजर रखने के लिए न्याय पंचायतस्तर पर एक-एक जनपदस्तरीय अधिकरियों की तैनाती की जाएगी। तैनात नोडल अधिकारी गांवों में होने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। साथ ही कराए गए विकास कार्यो की समीक्षा कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। प्रशासन का यह अभिनव प्रयोग सफल हुआ तो विकास कार्य जहां गुणवत्तापरक होंगे। वहीं भ्रष्टाचार पर नकेल लगने के साथ ही आम जनता की समस्याएं न्याय पंचायतस्तर पर ही समाधान भी हो जाएगा। इस बाबत मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि अभिनव प्रयोग के तौर पर लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र अंतिम रुप दे दिया जाएगा।
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जिले में मौजूद 92 न्याय पंचायतों के अधीन 675 ग्राम पंचायतें मौजूद हैं। शासन की तरफ से गांवों मेें शासन की तरफ से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत विकास कार्य कराए जा रहे हैं। लेकिन ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी सहित विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। कई गांवों में कराए गए विकास कार्यो में फर्जीवाड़ा उजागर भी हुआ है। लाखों की लागत से हो रहे निर्माण कार्य मेें घटिया सामग्री प्रयोग करने के विरोध मेें ग्रामीण प्रदर्शन भी कर चुके हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए नवागत जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने अभिनव प्रयोग शुरू किया है। जनपद में 92 न्याय पंचायतें हैं। प्रत्येक न्याय पंचायतों में दो से छह गांव आते हैं। गांवों में कराए जा रहे विकास कार्यो पर नजर रखने के लिए न्याय पंचायतस्तर पर एक-एक जनपदस्तरीय अधिकरियों की तैनाती की जाएगी। तैनात नोडल अधिकारी गांवों में होने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। साथ ही कराए गए विकास कार्यो की समीक्षा कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। प्रशासन का यह अभिनव प्रयोग सफल हुआ तो विकास कार्य जहां गुणवत्तापरक होंगे। वहीं भ्रष्टाचार पर नकेल लगने के साथ ही आम जनता की समस्याएं न्याय पंचायतस्तर पर ही समाधान भी हो जाएगा। इस बाबत मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि अभिनव प्रयोग के तौर पर लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र अंतिम रुप दे दिया जाएगा।
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