फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Yamuna water levels put six dozen villages risk flood

Mathura News: यमुना में बढ़ते जलस्तर को देख छह दर्जन गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:02 AM IST
विज्ञापन
Yamuna water levels put six dozen villages risk flood
नौहझील-फिरोजपुर रोड के किनारे खेतों में भरा यमुना का पानी।
नौहझील। यमुना नदी के जलस्तर में हुई अचानक बढ़ोतरी से नौहझील क्षेत्र में एक बार फिर संकट के बादल छाने लगे हैं। लगातार तीसरे साल उफनती यमुना का पानी तटीय इलाकों में घुसने लगा है।
विज्ञापन

शनिवार को नदी का पानी नौहझील-फिरोजपुर मुख्य मार्ग तक पहुंच गया। क्षेत्र के करीब छह दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीण सहमे हुए हैं। यमुना के तटीय गांवों अड्डा मीणा, फिरोजपुर, अड्डा जाटव, मांगरखोर, छिनपारई, अड्डा मल्हान, मंडारी, बरौठ, बाघर्रा, रायपुर, नानकपुर, भैरई, मुसमुना, मुकदुमपुर, खुशलागढ़ी, अनर्दागढ़ी, अड्डा पिथौरा, भगवानगढ़ी, तिलकागढ़ी, जाफरपुर, इनायतगढ़, दौलतपुर, देदना, बसाऊ, मुक्खा मरहला, भूरगढ़ी, पालखेड़ा, पिथौरा और फरीदमपुर समेत दर्जनों गांवों के ओर पास पानी आ चुका है।
विज्ञापन

खेतों में खड़ी धान, ज्वार और बाजरे की फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। जलभराव के कारण किसानों की खून-पसीने की कमाई बर्बाद होती दिखाई दे रही है। उधर पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कागजों में राहत चौकियां, धरातल पर कुछ नहीं
एक ओर उफनती यमुना ग्रामीणों को डरा रही है वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक दावों की हवा निकलती दिख रही है। शासन द्वारा आपदा से निपटने के लिए झाड़ी हनुमानजी मंदिर नौहझील, गांव बाघर्रा और गांव अड्डा मल्हान में तीन बाढ़ राहत चौकियां बनाने के दावे किए गये हैं, लेकिन चौकियां खाली पड़ी हैं। वहां कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं है। नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह का कहना है कि उनकी ड्यूटी पूर्व राष्ट्रपति के आगमन के चलते लगी हुई थी। रविवार से तीनों राहत चौकियों पर टीम तैनात कर व्यवस्थाएं सुचारू की जाएगी।

सब्जियां हुईं बेकार, आपूर्ति ठप होने से बढ़ेंगे दाम
यहां का खादर क्षेत्र सब्जियों का गढ़ माना जाता है। यमुना के पानी ने खेतों में खड़ी मिर्च, लौकी, तोरई, पालक, टमाटर, खीरा, मूली, धनियां, परमल और गोभी की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। प्रति बीघा भारी लागत लगाकर उगाई गई फसलें नष्ट होने से किसानों की कमर टूट गई है। खादर से स्थानीय मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। आने वाले दिनों में इसका सीधा असर लोगों पर पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed