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Mathura News: खतरे के निशान से 1.80 मीटर नीचे बह रही यमुना
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विश्राम घाट पर यमुना का जलस्तर। संवाद
मथुरा। बीते दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सोमवार को दिनभर धूप रही। शाम को बादल उमड़ आए, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को तेज हवा के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं खतरे के निशान ने 1.80 मीटर नीचे यमुना का जल बह रहा है। हालांकि बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
रविवार शाम को हुई बारिश से लोगों को काफी राहत मिली, लेकिन जलभराव की समस्या का भी सामना करना पड़ा। हालांकि नगर निगम ने संवेदनशील क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए अतिरिक्त पंपसेट लगाए हैं। वहीं नए बस स्टैंड, भूतेश्वर अंडरपास पर भी जलनिकासी के लिए व्यवस्था की गई है। यहां हल्की बारिश में भी करीब तीन से चार फीट जलभराव हो जाता है। ऐसे में राहगीरों को काफी परेशानी का समाना करना पड़ा है।
वहीं मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार, मंगलवार को भी तेज हवा के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून की दस्तक के बाद लगातार मौसम बदल रहा है। बादलों ने डेरा डाल लिया है। प्रतिदिन सुबह को तो कभी शाम को बारिश हो रही है। इधर, बारिश से तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 11 जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना है।
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यमुना में ऊपर से छोड़ा 20 हजार क्यूसेक पानी
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश से यमुना का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि खतरे के निशान से जलस्तर 1.80 मीटर नीचे है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में इंतजाम हैं। ऊपर से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। इससे एक सप्ताह के अंदर यमुना का जलस्तर करीब 164.20 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 166 मीटर पर है। हालांकि बाढ़ के खतरे से यमुना का जलस्तर काफी नीचे है।
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रविवार शाम को हुई बारिश से लोगों को काफी राहत मिली, लेकिन जलभराव की समस्या का भी सामना करना पड़ा। हालांकि नगर निगम ने संवेदनशील क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए अतिरिक्त पंपसेट लगाए हैं। वहीं नए बस स्टैंड, भूतेश्वर अंडरपास पर भी जलनिकासी के लिए व्यवस्था की गई है। यहां हल्की बारिश में भी करीब तीन से चार फीट जलभराव हो जाता है। ऐसे में राहगीरों को काफी परेशानी का समाना करना पड़ा है।
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वहीं मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार, मंगलवार को भी तेज हवा के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून की दस्तक के बाद लगातार मौसम बदल रहा है। बादलों ने डेरा डाल लिया है। प्रतिदिन सुबह को तो कभी शाम को बारिश हो रही है। इधर, बारिश से तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 11 जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना है।
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यमुना में ऊपर से छोड़ा 20 हजार क्यूसेक पानी
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश से यमुना का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि खतरे के निशान से जलस्तर 1.80 मीटर नीचे है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में इंतजाम हैं। ऊपर से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। इससे एक सप्ताह के अंदर यमुना का जलस्तर करीब 164.20 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 166 मीटर पर है। हालांकि बाढ़ के खतरे से यमुना का जलस्तर काफी नीचे है।