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Mathura News: कार्यालय से बाहर होने लगा रिफ्लेक्टर टेप लगाने का काम
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मथुरा। एआरटीओ कार्यालय के बाहर स्कूल बस पर रिफ्लेक्टर टेप लगाता युवक।
मथुरा। एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की फिटनेस में हो रहा खेल शनिवार को कुछ खराब होता नजर आया। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इस खेल को उजागर किया था। इसके बाद फिटनेस तो हुई, लेकिन वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने काम ऑफिस से दूर पीएसी कैंप के सामने हुआ। फिटनेस के लिए फाइलें तैयार कराने वाले दलाल भी परिसर के बाहर ही चक्कर काटते रहे।
टाउनशिप स्थित एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की फिटनेस की जाती है। टैक्सी परमिट वाहनों के साथ ही बस, ट्रक, लोडर आदि की फिटनेस विभाग द्वारा की जाती है। फिटनेस प्रमाण पत्र होने पर ही वाहन का संचालन किया जा सकता है। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया था कि बड़े वाहनों पर फिटनेस से पहले रिफ्लेक्टर टेप लगाने के नाम पर मोटी रकम वसूल की जा रही है। इसमें फिटनेस के काम से जड़े कर्मचारियों ने अपना खेल फिट कर रखा है। मजदूरी पर रखा गया युवक ये टेप लगाता है और रुपये विभागीय कर्मचारी लेते हैं।
सबसे बड़ी बात ये थी कि ये काम एआरटीओ कार्यालय परिसर के अंदर फिटनेस स्थल पर अधिकारियों के सामने ही लगाया जा रहा था। इससे साफ है कि अधिकारी सब कुछ जानकर भी अंजान बने हुए थे। शनिवार के अंक में अमर उजाला ने इस पूरे खेल को खबर के माध्यम से उजागर किया था। इसके बाद शनिवार को एआरटीओ कार्यालय में नजारा बदला नजर आया। रिफ्लेक्टर टेप लगाने का काम कार्यालय से बाहर पीएसी कैंप के सामने हुआ। हालांकि इस बार टेप लगाने वाले कर्मचारी ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। कई बार पूछने पर कहा कि किसी तरह मजदूरी करके उसकी रोजी चलती है इसलिए वह आखिर क्या ही बोल सकता है। वहीं दूसरी तरफ दलाल भी कार्यालय परिसर के बाहर घूमते नजर आए।
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फ्लैश चमकते ही दौड़ जाते हैं दलाल
एआरटीओ कार्यालय से जुड़े काम कराने और जनता से मोटी रकम वसूल करने के लिए यहां दलालों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन जैसे ही फ्लैश चमकता है दलाल बाहर की दौड़ लगा देते हैं।
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टाउनशिप स्थित एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की फिटनेस की जाती है। टैक्सी परमिट वाहनों के साथ ही बस, ट्रक, लोडर आदि की फिटनेस विभाग द्वारा की जाती है। फिटनेस प्रमाण पत्र होने पर ही वाहन का संचालन किया जा सकता है। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया था कि बड़े वाहनों पर फिटनेस से पहले रिफ्लेक्टर टेप लगाने के नाम पर मोटी रकम वसूल की जा रही है। इसमें फिटनेस के काम से जड़े कर्मचारियों ने अपना खेल फिट कर रखा है। मजदूरी पर रखा गया युवक ये टेप लगाता है और रुपये विभागीय कर्मचारी लेते हैं।
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सबसे बड़ी बात ये थी कि ये काम एआरटीओ कार्यालय परिसर के अंदर फिटनेस स्थल पर अधिकारियों के सामने ही लगाया जा रहा था। इससे साफ है कि अधिकारी सब कुछ जानकर भी अंजान बने हुए थे। शनिवार के अंक में अमर उजाला ने इस पूरे खेल को खबर के माध्यम से उजागर किया था। इसके बाद शनिवार को एआरटीओ कार्यालय में नजारा बदला नजर आया। रिफ्लेक्टर टेप लगाने का काम कार्यालय से बाहर पीएसी कैंप के सामने हुआ। हालांकि इस बार टेप लगाने वाले कर्मचारी ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। कई बार पूछने पर कहा कि किसी तरह मजदूरी करके उसकी रोजी चलती है इसलिए वह आखिर क्या ही बोल सकता है। वहीं दूसरी तरफ दलाल भी कार्यालय परिसर के बाहर घूमते नजर आए।
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फ्लैश चमकते ही दौड़ जाते हैं दलाल
एआरटीओ कार्यालय से जुड़े काम कराने और जनता से मोटी रकम वसूल करने के लिए यहां दलालों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन जैसे ही फ्लैश चमकता है दलाल बाहर की दौड़ लगा देते हैं।