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Mathura News: मजदूर नहीं, मालिक बनने का हुनर सीख रहीं महिलाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:42 AM IST
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Women are learning the skills to become owners, not laborers.
मथुरा। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आत्म निर्भर बनने को तैयार आधी आबादी ने पूरा मन बना लिया है। केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए अपनी आय का साधन बनाने के लिए आतुर हैं। जिले भर से 650 महिलाओं ने इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया है। इससे पूर्व सभी को मथुरा में प्रशिक्षण कराया जाएगा। फिलहाल आवेदन करने वाली सभी महिलाओं का साक्षात्कार किया जा रहा है।
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केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही पीएम विश्वकर्मा योजना मथुरा जनपद की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकती है। जिले में सबसे अधिक ठाकुरजी की पगड़ी, पोशाक बनाने का काम किया जाता है। पोशाकों को सिलाई मशीनों से तैयार किया जाता है। पीएम विश्वकर्मा योजना इस रोजगार से जुड़ी महिलाओं के लिए बेहतर साबित हो रही है। कल तक किसी दूसरे के कारखाने में काम करने वाली महिलाएं अब स्वयं रोजगार देने वाली बनने के लिए तैयार हैं। खासतौर से घरों में रहकर काम करने वाली महिलाओं के लिए यह योजना बेहतर मानी जा रही है। जिले भर से 650 महिलाओं ने इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया है। इस योजना के आवेदनों में सिलाई कढ़ाई के लिए 15 हजार रुपये सहायता राशि दी जा रही है। इससे वे सिलाई मशीन खरीद सकेंगी। उद्योग उपायुक्त रामेंद्र कुमार ने बताया कि यह योजना गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली, विधवा, विकलांग महिलाओं और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए लागू की गई है। यह काफी कारगर साबित हो रही है।
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पिछले 5-6 सालों से पोशाक बनाने का काम कर रहे हैं। दूसरे लोगों से मजदूरी पर काम लेकर आते हैं। इस योजना के बाद अब मजदूर नहीं, मालिक बनकर काम करेंगे। आरती, वृंदावन
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पगड़ी पोशाक का काम करीब 20 साल से कर रहे हैं। इस योजना के बारे में पता चला और पूरा समझा। सिलाई के लिए आवेदन किया है। अपना खुद का काम होगा तो बचत अच्छी होगी। गुंजन शर्मा, वृंदावन रोड


कई सालों से पोशाक का काम कर रहीं हूं। बच्चे छोटे होने के कारण घर पर ही काम करने में आसानी होगी। समय की बाध्यता भी खत्म हो सकेगी।
अजंलि, बलदेव

महिलाओं के लिए इससे बेहतर काम नहीं है। घर परिवार के बीच रहकर समय निकाल कर कभी भी काम कर सकते हैं। महिलाओं को प्रोत्साहन के लिए अच्छी योजना है। अनीता, राया
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