{"_id":"581c961f4f1c1bac3143864e","slug":"woman-died-due-to-fever-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से महिला की मौत, दो रोगियों को डेंगू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से महिला की मौत, दो रोगियों को डेंगू
अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 04 Nov 2016 10:59 PM IST
विज्ञापन
doctor
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मांट, सुरीर और बलदेव के बाद अब गोवर्धन में बुखार ने हमला बोला है। इसकी चपेट में आई एक महिला की मौत हो गई है। दो मामले डेंगू के सामने आए हैं। कई और लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
गांव बड़ौता निवासी हरप्रसाद गोवर्धन तहसील में अमीन है। उनकी पत्नी राजकुमारी (35) को कुछ दिन पहले बुखार आया था।
इस पर मथुरा के चिकित्सालय में उपचार कराया। आराम न मिलने पर परिवारीजन घबरा गए और जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान राजकुमारी ने दम तोड़ दिया। तहसील के लेखपाल संघ के अध्यक्ष हरिओम गौतम ने बताया कि अमीन की पत्नी का जयपुर उपचार चल रहा था। वहां चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। इसके चलते उनकी मौत हो गयी है।
इसके अलावा कस्बे में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीण अंचल के लोग आसपास के झोलाछापों से उपचार करा रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में पीड़ित मथुरा के निजी अस्पतालों में भर्ती रहकर उपचार करा रहे हैं। कस्बा गोवर्धन मे भी डेंगू के दो नए संभावित मरीज मिले हैं। दसविसा निवासी ममता और चकलेश्वर निवासी ललित के परिवारीजनों ने बताया कि दोनों की प्लेटलेट्स कम आई हैं। चिकित्सकों ने डेंगू पॉजिटिव आने की बात कही है।
विज्ञापन
125 मलेरिया और पांच डेंगू के रोगी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल की चिकित्सीय टीम ने मांट, नौहझील, सुरीर, रिफाइनरी, बलदेव सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में कैंप लगाकर करीब दो हजार से अधिक रोगियों का परीक्षण किया है। वहीं मलेरिया विभाग की टीम ने 42 हजार रोगियों की स्लाइड बनाकर जांच करवाई है। सरकारी आंकड़ों में मात्र 125 मलेरिया के रोगी और पांच डेंगू के रोगी निकले है। जबकि 50 से अधिक रोगियों की लैब से रिपोर्ट आनी शेष है। विभागीय सूत्र और निजी चिकित्सकों से जुटाई जानकारी के अनुसार शहर में एक सैकड़ा से अधिक रोगी डेंगू के हैं। इनका मथुरा या फिर अन्य शहरों मेें उपचार चल रहा है। वायरल, मलेरिया और चिकनगुनिया के पीड़ितों की संख्या हजारों में है।
बुखार से मौत पर खामोश प्रशासन
जिले में बुखार से मौताें पर प्रशासन खामोश है। यहां बलदेव के गांव बरौली, सुरीर, मांट, रिफाइनरी के गांव शमसाबाद सहित अलग-अलग स्थानों पर एक दर्जन से अधिक लोग बुखार के चलते मौत के मुंह में समा गए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति को मानने को तैयार ही नहीं है।
कस्बा में नहीं हुई फॉगिंग
गोवर्धन में बुखार से प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी नगर पंचायत व स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज तक मच्छरों को मारने के लिये फॉगिंग नहीं कराई गई है। इसके चलते लोगों में रोष पनप रहा है।
विज्ञापन
गांव बड़ौता निवासी हरप्रसाद गोवर्धन तहसील में अमीन है। उनकी पत्नी राजकुमारी (35) को कुछ दिन पहले बुखार आया था।
इस पर मथुरा के चिकित्सालय में उपचार कराया। आराम न मिलने पर परिवारीजन घबरा गए और जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान राजकुमारी ने दम तोड़ दिया। तहसील के लेखपाल संघ के अध्यक्ष हरिओम गौतम ने बताया कि अमीन की पत्नी का जयपुर उपचार चल रहा था। वहां चिकित्सकों ने उसे डेंगू बताया। इसके चलते उनकी मौत हो गयी है।
विज्ञापन
इसके अलावा कस्बे में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीण अंचल के लोग आसपास के झोलाछापों से उपचार करा रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में पीड़ित मथुरा के निजी अस्पतालों में भर्ती रहकर उपचार करा रहे हैं। कस्बा गोवर्धन मे भी डेंगू के दो नए संभावित मरीज मिले हैं। दसविसा निवासी ममता और चकलेश्वर निवासी ललित के परिवारीजनों ने बताया कि दोनों की प्लेटलेट्स कम आई हैं। चिकित्सकों ने डेंगू पॉजिटिव आने की बात कही है।
विज्ञापन
125 मलेरिया और पांच डेंगू के रोगी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल की चिकित्सीय टीम ने मांट, नौहझील, सुरीर, रिफाइनरी, बलदेव सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में कैंप लगाकर करीब दो हजार से अधिक रोगियों का परीक्षण किया है। वहीं मलेरिया विभाग की टीम ने 42 हजार रोगियों की स्लाइड बनाकर जांच करवाई है। सरकारी आंकड़ों में मात्र 125 मलेरिया के रोगी और पांच डेंगू के रोगी निकले है। जबकि 50 से अधिक रोगियों की लैब से रिपोर्ट आनी शेष है। विभागीय सूत्र और निजी चिकित्सकों से जुटाई जानकारी के अनुसार शहर में एक सैकड़ा से अधिक रोगी डेंगू के हैं। इनका मथुरा या फिर अन्य शहरों मेें उपचार चल रहा है। वायरल, मलेरिया और चिकनगुनिया के पीड़ितों की संख्या हजारों में है।
बुखार से मौत पर खामोश प्रशासन
जिले में बुखार से मौताें पर प्रशासन खामोश है। यहां बलदेव के गांव बरौली, सुरीर, मांट, रिफाइनरी के गांव शमसाबाद सहित अलग-अलग स्थानों पर एक दर्जन से अधिक लोग बुखार के चलते मौत के मुंह में समा गए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति को मानने को तैयार ही नहीं है।
कस्बा में नहीं हुई फॉगिंग
गोवर्धन में बुखार से प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी नगर पंचायत व स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज तक मच्छरों को मारने के लिये फॉगिंग नहीं कराई गई है। इसके चलते लोगों में रोष पनप रहा है।