{"_id":"037a457ca8daa51168419be095f5f3b3","slug":"widows-of-vrindavan-have-celebrated-holi-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुम्हलाए चेहरों पर खुशियों के रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुम्हलाए चेहरों पर खुशियों के रंग
ब्यूरो,अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 05 Mar 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने जीवन के सूनेपन को भरने के लिए वृंदावन में रह कर प्रभु भक्ति कर रहीं विधवा और निराश्रित महिलाओं ने बुधवार को भी होली के रंग में सराबोर होकर आध्यात्मिक ऊर्जा और आनंद का अनुभव किया।
ढोल, मृदंग के बीच नृत्य कर फूल और गुलाल की होली खेलतीं इन महिलाओं की आंखों से छलकती खुशी को कैद करने के लिए विदेशी मीडिया का भी जमावड़ा रहा।
पुराना पागल बाबा स्थित मीरा सहभागिनी महिला आश्रय सदन में बुधवार होली महोत्सव में परंपरागत रूप से नृत्य और गायन समारोह का भी आयोजन किया गया।
इसमें सदन में रह रहीं विधवा महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी ने एक-दूसरे पर फूल बरसाकर और गुलाल लगाकर होली के रंग में सराबोर कर दिया। सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वरी पाठक ने कहा कि संस्था की ओर से यह धार्मिक आयोजन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से किया गया।
विज्ञापन
ढोल, मृदंग के बीच नृत्य कर फूल और गुलाल की होली खेलतीं इन महिलाओं की आंखों से छलकती खुशी को कैद करने के लिए विदेशी मीडिया का भी जमावड़ा रहा।
पुराना पागल बाबा स्थित मीरा सहभागिनी महिला आश्रय सदन में बुधवार होली महोत्सव में परंपरागत रूप से नृत्य और गायन समारोह का भी आयोजन किया गया।
इसमें सदन में रह रहीं विधवा महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी ने एक-दूसरे पर फूल बरसाकर और गुलाल लगाकर होली के रंग में सराबोर कर दिया। सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वरी पाठक ने कहा कि संस्था की ओर से यह धार्मिक आयोजन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से किया गया।
विज्ञापन