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शहीदों के सम्मान को देश में बने एक नीति: सतपाल
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Wed, 21 Oct 2015 11:42 PM IST
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बागपत के सांसद सतपाल सिंह ने कहा कि शहीदों के सम्मान में दी जाने वाली राशि पूरे देश में एक समान होनी चाहिए। देश की आंतरिक सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों में शहीद होने वालों की संख्या सेना से चार गुनी ज्यादा है।
अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा सम्मान राशि और सुविधाओं की घोषणा से कम राशि पाने वाले शहीद परिवारों में कुंठा होती है।
सांसद सतपाल सिंह ने कहा कि यूपी में शहीदों के सम्मान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करना मुख्यमंत्री ने अच्छा काम किया है। कहा कि देश की बाह्य सुरक्षा में जुटे सैनिकों के शहीद होने पर केंद्र की अलग नीति है। इसमें मिलने वाली राशि और सुविधाएं निर्धारित हैं, लेकिन यह हर राज्य में अलग-अलग है।
एक राज्य जवान के शहीद होने पर 50 लाख तक देता हो तो पड़ोसी राज्य 10 लाख देता है, लेकिन शहीद की जान बराबर है। इसके लिए सभी राज्यों को वन रैंक वन पेंशन की तरह एक केंद्रीय नीति बनानी चाहिए। कहा कि इसके लिए वे संसद में प्रश्न उठाएंगे और सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखेंगे।
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साथ ही प्रदेश में एक पुलिस राष्ट्रीय स्मारक बने। सेना के जगह-जगह शहीद स्मारक बने हैं, लेकिन राज्यों में ऐसा बहुत कम है।
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अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा सम्मान राशि और सुविधाओं की घोषणा से कम राशि पाने वाले शहीद परिवारों में कुंठा होती है।
सांसद सतपाल सिंह ने कहा कि यूपी में शहीदों के सम्मान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करना मुख्यमंत्री ने अच्छा काम किया है। कहा कि देश की बाह्य सुरक्षा में जुटे सैनिकों के शहीद होने पर केंद्र की अलग नीति है। इसमें मिलने वाली राशि और सुविधाएं निर्धारित हैं, लेकिन यह हर राज्य में अलग-अलग है।
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एक राज्य जवान के शहीद होने पर 50 लाख तक देता हो तो पड़ोसी राज्य 10 लाख देता है, लेकिन शहीद की जान बराबर है। इसके लिए सभी राज्यों को वन रैंक वन पेंशन की तरह एक केंद्रीय नीति बनानी चाहिए। कहा कि इसके लिए वे संसद में प्रश्न उठाएंगे और सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखेंगे।
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साथ ही प्रदेश में एक पुलिस राष्ट्रीय स्मारक बने। सेना के जगह-जगह शहीद स्मारक बने हैं, लेकिन राज्यों में ऐसा बहुत कम है।