फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Video calling on mobile became a tussle

मोबाइल पर वीडियो कॉलिंग बना झगड़े का फसाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 11:42 PM IST
विज्ञापन
Video calling on mobile became a tussle
नौहझील (मथुरा)। बुधवार की दोपहर डेढ़ बजे आशीष कमरे पर पहुंचा। यहां पर कुलदीप पाठक और पीयूष शर्मा से बोला कि आज तबियत ठीक नहीं है। कुछ ही देर बाद रोहित भी पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ने कमरा बंद करके बीयर पी। मोबाइल पर युवती से वीडियो कॉलिंग पर बातचीत हो रही थी। इसी बीच आशीष का मोबाइल रोहित ने छीन लिया। वहीं से दोनों में रार हो गई।
विज्ञापन

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि कमरे से आवाज बाहर आ रही थी। आशीष बार-बार कह रहा था कि रोहित मोबाइल दे दो। जब मोबाइल मांगने पर नहीं मिला तो दोनों में मारपीट भी हो गई। शरीर पर आई चोटों के निशान मारपीट की तरफ तो इशारा कर रहे हैं। सिपाहियों के झगड़े को सुनकर कुलदीप व पीयूष अपने कमरे में चले गए। रात १२:४५ बजे के बाद सिपाहियों के कमरे से आवाज आना बंद हो गई। रात ढाई बजे रोहित ने कुलदीप और पीयूष को उठाया।
विज्ञापन

अंदर जाकर देखा तो आशीष का शव पंखे से लटका मिला। रोहित ने नौहझील पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पंखे से उतारकर कब्जे में लिया। हालांकि फोरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए हैं तो पुलिस ने बीयर की केन और मोबाइल को कब्जे में लिया। मोबाइल से ही सिपाही की मौत का राज खुल सकता है। हालांकि पुलिस विभागीय मामला होने के चलते बड़ा ही फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पुलिस केवल तहरीर का इंतजार कर रही है। हालांकि आशीष के पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को लटकाने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीनों भाइयों में होनहार था आशीष
बेटे की मौत की खबर से मेरठ के बरावली गांव में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे छोटा आशीष काफी होनहार था। साल २०२० में सिपाही बन गया। कड़ी मेहनत वाले आशीष पर दोनों भाइयों का पूरा प्रेम था। पिता टेलर की दुकान करते हैं तो सबसे बड़ा भाई रजनीश कुमार मजदूरी करता है। दूसरे नंबर का पंकज कुमार एंबुलेंस चलाता है। आशीष की मौत पर पिता, मामा और दोनों भाइयों के अलावा ग्रामीण भी पोस्टमार्टम पर पहुंच गए। यहां पर पिता रविंद्र सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता और दोनों भाई बार-बार हत्याकर शव लटकाए जाने का आरोप लगा रहे थे। पिता और दोनों भाई पछाड़ खाकर गिर रहे थे। हालांकि देर शाम तक कोई तहरीर नहीं दी थी।
वीडियोग्राफी के मध्य हुआ पोस्टमार्टम
सिपाही आशीष के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के मध्य दो डॉक्टरों के पैनल से किया गया है। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग आया है। फिर भी पूरे मामले की जांच की जाएगी।

२०२० में भर्ती हुआ था सिपाही
मृतक सिपाही २०२० में भर्ती हुआ था। थाना नौहझील में २८ मई २०२१ से तैनात था। विपिन पाठक के मकान में दोनों सिपाही अक्तूबर २०२१ से किराए पर रहे थे। इसी मकान के दूसरे कमरे में विपिन पाठक के भाई कुलदीप पाठक और भांजा पीयूष शर्मा भी रह रहे हैं। इन दोनों से भी पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed