{"_id":"646275941d8081e3f9080da8","slug":"tuberculosis-department-will-find-tb-patients-mathura-news-c-29-1-mtr1016-74418-2023-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: टीबी रोगियों को ढूंढेगा क्षय रोग विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: टीबी रोगियों को ढूंढेगा क्षय रोग विभाग
Mon, 15 May 2023 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Mon, 15 May 2023 11:40 PM IST
विज्ञापन
मथुरा। एकीकृत निक्षय दिवस के साथ ही सोमवार को विशेष क्षय रोगी खोज अभियान शुरू हुआ। जिला क्षय रोग विभाग द्वारा पोस्टर बैनर और अन्य माध्यमों के जरिए अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि 21 कार्य दिवस वाला यह अभियान आठ जून तक चलेगा। अभियान के तीन चरण होंगे। पहले चरण में प्रचार-प्रसार, दूसरे चरण में जिले में टीबी के लिहाज से संवेदनशील, दूरदराज के क्षेत्र और स्लम बस्तियों को चिन्हित किया जाएगा। तीसरे चरण में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्क्रीनिंग की जाएगी।
डीटीओ डाॅ. संजीव यादव ने बताया कि यह अभियान हेल्थ एंड वेलनेस (एचडब्ल्यूसी) पर टीबी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए हैं, ताकि आउटरीच एरिया को कवर किया जा सके। जनपद के 123 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तीन सप्ताह में कुल तीन कैंप लगाए जाएंगे। जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव कुमार ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) और जिला स्तर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे। अभियान की साप्ताहिक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों में पांच वर्षों से टीबी के मामले नहीं सामने नही आये हैं, उन्हें टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि 21 कार्य दिवस वाला यह अभियान आठ जून तक चलेगा। अभियान के तीन चरण होंगे। पहले चरण में प्रचार-प्रसार, दूसरे चरण में जिले में टीबी के लिहाज से संवेदनशील, दूरदराज के क्षेत्र और स्लम बस्तियों को चिन्हित किया जाएगा। तीसरे चरण में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्क्रीनिंग की जाएगी।
विज्ञापन
डीटीओ डाॅ. संजीव यादव ने बताया कि यह अभियान हेल्थ एंड वेलनेस (एचडब्ल्यूसी) पर टीबी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए हैं, ताकि आउटरीच एरिया को कवर किया जा सके। जनपद के 123 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तीन सप्ताह में कुल तीन कैंप लगाए जाएंगे। जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव कुमार ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) और जिला स्तर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे। अभियान की साप्ताहिक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिन ग्राम पंचायतों में पांच वर्षों से टीबी के मामले नहीं सामने नही आये हैं, उन्हें टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जाएगा।
विज्ञापन