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श्रद्धालु दे जाते हैं अरबों के कारोबार की सौगात
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:38 PM IST
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आस्था के शिखर पर पहुंची भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं का आगमन ब्रजवासियों को अरबों के कारोबार की सौगात दे रहा है।
श्रद्धालुओं के आने से लेकर यहां से वापस जाने तक उनकी जरूरत के सामान की आपूर्ति में यहां कई कारोबार फल फूल रहे हैं। पर्यटकों के आगमन के बाद कई कारोबारी लिंक भी विकसित हो जाते हैं, जो स्थायी व्यापार का आधार बन जाते हैं।
बाजार के जानकार बताते हैं कि मथुरा में घूमने या फिर दर्शन करने वाले श्रद्धालु आम तौर पर एक रात रुकते ही हैं। इसकी वजह यहां कई विश्व विख्यात धार्मिक स्थल होना है, इन सभी को एक ही दिन में देख पाना संभव नहीं होता है।
मथुरा में आने वाले रिकॉर्ड श्रद्धालु यहां न केवल ठहरते हैं, बल्कि खानपान की वस्तुओं, परिवहन सुविधा का भी उपभोग करते हैं। इसका सीधा लाभ यहां के कारोबारियों को मिलता है। जानकारों के अनुमान के मुताबिक मथुरा में आगमन के दौरान एक श्रद्धालु पूजा सामग्री, परिवहन, रहने, खानपान पर औसत 200 रुपये खर्च कर देता है।
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इस आकलन को कुल श्रद्धालुओं की संख्या 3.25 करोड़ से जोड़ा जाए तो मथुरा में श्रद्धालुओं के आगमन से होने वाले कारोबार का टर्नओवर 6.5 अरब का बैठता है।
फैक्ट फाइल
- मथुरा में एक साल में आते हैं 3.25 करोड़ श्रद्धालु
- प्रत्येक श्रद्धालु जरूरत के सामान की खरीद पर औसतन खर्च करता है 200 रुपये
- श्रद्धालुओं कारोबारियों को मिलता है 6.5 अरब का अतिरिक्त टर्नओवर
- बड़ी संख्या में लोगों के आने से विकसित होते हैं कारोबारी लिंक
- होटल, रेस्टोरेंट, फूड कॉर्नर, टी-स्टॉल, ठाकुरजी के शृंगार के कारोबार को मिलता है लाभ
मथुरा के साड़ी, चांदी, टोंटी सहित कई उद्योग देश भर में अपनी धाक रखते हैं। यहां रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के आगमन से देश भर में कारोबारी लिंक मजबूत होता है। सरकार पर्यटन के साथ इन उद्योगों को भी प्रचारित करे तो ये उद्योग और ऊंचाइयों छू सकते हैं।
- मुकेश अग्रवाल, अध्यक्ष नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स, मथुरा
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श्रद्धालुओं के आने से लेकर यहां से वापस जाने तक उनकी जरूरत के सामान की आपूर्ति में यहां कई कारोबार फल फूल रहे हैं। पर्यटकों के आगमन के बाद कई कारोबारी लिंक भी विकसित हो जाते हैं, जो स्थायी व्यापार का आधार बन जाते हैं।
बाजार के जानकार बताते हैं कि मथुरा में घूमने या फिर दर्शन करने वाले श्रद्धालु आम तौर पर एक रात रुकते ही हैं। इसकी वजह यहां कई विश्व विख्यात धार्मिक स्थल होना है, इन सभी को एक ही दिन में देख पाना संभव नहीं होता है।
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मथुरा में आने वाले रिकॉर्ड श्रद्धालु यहां न केवल ठहरते हैं, बल्कि खानपान की वस्तुओं, परिवहन सुविधा का भी उपभोग करते हैं। इसका सीधा लाभ यहां के कारोबारियों को मिलता है। जानकारों के अनुमान के मुताबिक मथुरा में आगमन के दौरान एक श्रद्धालु पूजा सामग्री, परिवहन, रहने, खानपान पर औसत 200 रुपये खर्च कर देता है।
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इस आकलन को कुल श्रद्धालुओं की संख्या 3.25 करोड़ से जोड़ा जाए तो मथुरा में श्रद्धालुओं के आगमन से होने वाले कारोबार का टर्नओवर 6.5 अरब का बैठता है।
फैक्ट फाइल
- मथुरा में एक साल में आते हैं 3.25 करोड़ श्रद्धालु
- प्रत्येक श्रद्धालु जरूरत के सामान की खरीद पर औसतन खर्च करता है 200 रुपये
- श्रद्धालुओं कारोबारियों को मिलता है 6.5 अरब का अतिरिक्त टर्नओवर
- बड़ी संख्या में लोगों के आने से विकसित होते हैं कारोबारी लिंक
- होटल, रेस्टोरेंट, फूड कॉर्नर, टी-स्टॉल, ठाकुरजी के शृंगार के कारोबार को मिलता है लाभ
मथुरा के साड़ी, चांदी, टोंटी सहित कई उद्योग देश भर में अपनी धाक रखते हैं। यहां रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के आगमन से देश भर में कारोबारी लिंक मजबूत होता है। सरकार पर्यटन के साथ इन उद्योगों को भी प्रचारित करे तो ये उद्योग और ऊंचाइयों छू सकते हैं।
- मुकेश अग्रवाल, अध्यक्ष नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स, मथुरा