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Mathura News: आईटीआई में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से पाई नौकरी, तीन अनुदेशक निलंबित
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मथुरा। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में 2016 की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाना तीन अनुदेशकों को भारी पड़ गया। प्रथम जांच में अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर निदेशालय ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर दिया है। अब विभागीय स्तर पर दूसरी जांच बैठाई जाएगी।
राजकीय आईटीआई गोवर्धन में तैनात मानवेंद्र सिंह और आनंद कुमार का चयन अनुदेशक के पद पर हुआ था। चयन प्रक्रिया के दौरान अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। नियुक्ति के कुछ समय बाद ही दस्तावेजों को लेकर संदेह जताया गया। इस पर आईटीआई प्रशासन ने प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच कराई। जांच में दस्तावेज फर्जी साबित हुए। रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई, जिसके बाद निदेशक ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
आईटीआई प्रशासन का कहना है कि सरकारी संस्थानों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में विभाग सख्त रुख अपनाएगा। आरोप साबित होने पर आगे बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है। गोवर्धन आईटीआई प्राचार्य गगन पोदार ने बताया कि दो अनुदेशकों पर विभागीय कार्रवाई हुई है। दोनों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा नंदगांव आईटीआई में तैनात तरुण कुमार ने भी फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर अनुदेशक के पद पर नौकरी ली थी। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। तरुण को भी निलंबित कर दिया है।
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शिकायत पर हुई कार्रवाई
आईटीआई की अधिकारियों ने बताया कि 2016 से यह तीनों कर्मचारी अनुदेशक के पद पर चयनित हुए थे। एक व्यक्ति द्वारा शिकायत के बाद उनके दस्तावेजों की जांच शुरू हुई तो प्रथम लोकायुक्त की जांच में उनके अनुभव प्रमाण पत्र दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। अब इन लोगों के दस्तावेजों की द्वितीय जांच निदेशक द्वारा की जाएगी। वर्तमान में सभी को निलंबित कर दिया गया है।
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राजकीय आईटीआई गोवर्धन में तैनात मानवेंद्र सिंह और आनंद कुमार का चयन अनुदेशक के पद पर हुआ था। चयन प्रक्रिया के दौरान अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। नियुक्ति के कुछ समय बाद ही दस्तावेजों को लेकर संदेह जताया गया। इस पर आईटीआई प्रशासन ने प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच कराई। जांच में दस्तावेज फर्जी साबित हुए। रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई, जिसके बाद निदेशक ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
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आईटीआई प्रशासन का कहना है कि सरकारी संस्थानों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में विभाग सख्त रुख अपनाएगा। आरोप साबित होने पर आगे बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है। गोवर्धन आईटीआई प्राचार्य गगन पोदार ने बताया कि दो अनुदेशकों पर विभागीय कार्रवाई हुई है। दोनों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा नंदगांव आईटीआई में तैनात तरुण कुमार ने भी फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर अनुदेशक के पद पर नौकरी ली थी। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। तरुण को भी निलंबित कर दिया है।
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शिकायत पर हुई कार्रवाई
आईटीआई की अधिकारियों ने बताया कि 2016 से यह तीनों कर्मचारी अनुदेशक के पद पर चयनित हुए थे। एक व्यक्ति द्वारा शिकायत के बाद उनके दस्तावेजों की जांच शुरू हुई तो प्रथम लोकायुक्त की जांच में उनके अनुभव प्रमाण पत्र दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। अब इन लोगों के दस्तावेजों की द्वितीय जांच निदेशक द्वारा की जाएगी। वर्तमान में सभी को निलंबित कर दिया गया है।