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ट्रेन की चपेट में आकर मां-बेटे समेत तीन की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा/राया
Updated Tue, 28 Jul 2015 12:02 AM IST
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थाना यमुनापार क्षेत्र के गांव दीवाना कलां के पास मथुरा-कासगंज रेलवे लाइन पर ट्रेन की चपेट में आकर एक महिला, उसके सैनिक बेटे और भतीजे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तीनों रविवार देर रात अपने गांव जाने के लिए रेलवे लाइन पार कर रहे थे, महिला कुछ पीछे रह गई थी, इसी बीच ट्रेन आ गई और उसे बचाने के प्रयास में तीनों ही ट्रेन की चपेट में आ गए।
इस हादसे में शीला (55) पत्नी महेंद्र सिंह, उनका बेटा अजीत सिंह (26), अजीत का चचेरे भाई हवा सिंह (30) की मौत हुई हैं और यह तीनों गांव दीवाना कलां के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि अजीत सिंह सेना में था और इन दिनों उसकी तैनाती सिक्किम में थी। वह एक माह की छुट्टी आया हुआ था और सोमवार को उसकी छुट्टी समाप्त हो रही थी।
रविवार को तीनों धौलीप्याऊ, नटवर नगर निवासी अपने फूफा सुरेंद्र सिंह से मिलकर लौट रहे थे। रात 10:45 बजे तीनों टेंपो से धौलीप्याऊ से दीवाना कलां पहुंचे। यहां दीवाना कलां के फाटक से आगे बनी पगडंडी पर घर जाने के लिए मथुरा-कासगंज रेल लाइन पार कर रहे थे, तभी कासगंज की ओर से आ रही लखनऊ एक्सप्रेस की चपेट में आकर तीनों की मौत हो गई। देर रात तक उनके घर नहीं पहुंचने पर उनकी खोजबीन की गई तो तीनों के शव रेलवे लाइन पर मिले। मृतक हवा सिंह भी रविवार को अवकाश होने के चलते घर आया था और उसे भी सोमवार की सुबह ड्यूटी पर जाना था।
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सिक्किम जाने से एक दिन पहले आ गई मौत
अजीत सिंह दिसंबर, 2011 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। इन दिनों वह सिक्किम में तैनात था। पिता महेंद्र सिंह ने बताया कि अजीत एक माह पूर्व ही छुट्टी पर आया था। सोमवार को उसकी छुट्टी खत्म हो रही थी। सोमवार सुबह उसे अलीगढ़ से सिक्किम जाने को ट्रेन पकड़नी थी। उसने रिजर्वेशन भी कन्फर्म करा रखा था। अजीत के भाई संदीप ने बताया कि उसने रविवार को ही भाई को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन तक छोड़ने जाने का इंतजाम कर लिया था लेकिन यह हादसा हो गया।
टाटा प्रोजेक्ट मेंडू में लैब टेक्नीशियन था हवा सिंह
मृतक हवा सिंह टाटा प्रोजेक्ट मेंडू, हाथरस में लैब टेक्नीशियन था। रविवार को अवकाश होने के चलते घर आया था और उसे भी सोमवार की सुबह ड्यूटी पर जाना था। हवा सिंह की पत्नी संजना के आठ माह पूर्व ही बेटी पैदा हुई। हवा सिंह ने उसका नाम शिवानी रखा था। हवा सिंह का छोटा भाई राजकुमार भी सेना में है। वह फरीदपुर में तैनात है। परिवारीजनों ने बताया कि हादसे की सूचना उसे दे दी गई है।
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इस हादसे में शीला (55) पत्नी महेंद्र सिंह, उनका बेटा अजीत सिंह (26), अजीत का चचेरे भाई हवा सिंह (30) की मौत हुई हैं और यह तीनों गांव दीवाना कलां के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि अजीत सिंह सेना में था और इन दिनों उसकी तैनाती सिक्किम में थी। वह एक माह की छुट्टी आया हुआ था और सोमवार को उसकी छुट्टी समाप्त हो रही थी।
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रविवार को तीनों धौलीप्याऊ, नटवर नगर निवासी अपने फूफा सुरेंद्र सिंह से मिलकर लौट रहे थे। रात 10:45 बजे तीनों टेंपो से धौलीप्याऊ से दीवाना कलां पहुंचे। यहां दीवाना कलां के फाटक से आगे बनी पगडंडी पर घर जाने के लिए मथुरा-कासगंज रेल लाइन पार कर रहे थे, तभी कासगंज की ओर से आ रही लखनऊ एक्सप्रेस की चपेट में आकर तीनों की मौत हो गई। देर रात तक उनके घर नहीं पहुंचने पर उनकी खोजबीन की गई तो तीनों के शव रेलवे लाइन पर मिले। मृतक हवा सिंह भी रविवार को अवकाश होने के चलते घर आया था और उसे भी सोमवार की सुबह ड्यूटी पर जाना था।
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सिक्किम जाने से एक दिन पहले आ गई मौत
अजीत सिंह दिसंबर, 2011 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। इन दिनों वह सिक्किम में तैनात था। पिता महेंद्र सिंह ने बताया कि अजीत एक माह पूर्व ही छुट्टी पर आया था। सोमवार को उसकी छुट्टी खत्म हो रही थी। सोमवार सुबह उसे अलीगढ़ से सिक्किम जाने को ट्रेन पकड़नी थी। उसने रिजर्वेशन भी कन्फर्म करा रखा था। अजीत के भाई संदीप ने बताया कि उसने रविवार को ही भाई को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन तक छोड़ने जाने का इंतजाम कर लिया था लेकिन यह हादसा हो गया।
टाटा प्रोजेक्ट मेंडू में लैब टेक्नीशियन था हवा सिंह
मृतक हवा सिंह टाटा प्रोजेक्ट मेंडू, हाथरस में लैब टेक्नीशियन था। रविवार को अवकाश होने के चलते घर आया था और उसे भी सोमवार की सुबह ड्यूटी पर जाना था। हवा सिंह की पत्नी संजना के आठ माह पूर्व ही बेटी पैदा हुई। हवा सिंह ने उसका नाम शिवानी रखा था। हवा सिंह का छोटा भाई राजकुमार भी सेना में है। वह फरीदपुर में तैनात है। परिवारीजनों ने बताया कि हादसे की सूचना उसे दे दी गई है।