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आठ दिन के हैं इस बार शारदीय नवरात्र, चतुर्थी तिथि का क्षय
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मथुरा। मां दुर्गा को समर्पित नवरात्र का पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आश्विन मास में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्र का आरंभ हो रहा है, जो इस बार पूरे नौ दिन का न होकर आठ दिन का रहेगा। इस तरह सात अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक नवरात्र रहेंगे। इस बार मां डोली में बैठकर आ रही हैं और हाथी पर विराजमान होकर जाएंगी।
नवरात्रि की तिथियों का घटना व श्राद्ध की तिथियों का बढ़ना अशुभ माना जाता है। इस वर्ष नवरात्र चित्रा नक्षत्र व वैघृति योग में शुरू हो रहे हैं, जिसे छत्र भंग योग राजनीतिक उठापटक, प्राकृतिक आपदा, नई-नई असाध्य बीमारियों व महामारी के भय का कारण बताया जा रहा है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार इस बार नवरात्र में चतुर्थी तिथि क्षय होने के कारण नवरात्र का एक दिन घट रहा है। इसलिए इस बार नवरात्र का पर्व आठ दिन ही रहेगा।
इस बार नवरात्र आठ दिन के होंगे। 7 अक्तूबर को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 17 मिनट से सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक का है। इस समय घटस्थापना करने से नवरात्र फलदायी है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में भी स्थापित कर सकते हैं जो 11 बज कर 45 मिनट से 12 बज कर 31 मिनट दोपहर तक कलश स्थापित कर सकते हैं। इस बार मां डोले पर आ रही हैं और हाथी पर विदा होंगी। इसे शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता है। राजनीतिक उठापटक के साथ महामारी, प्राकृतिक आपदा का लोगों को सामना करना पड़ेगा।
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- ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता
इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ बृहस्पतिवार 7 अक्तूबर से होकर समापन बृहस्पतिवार 14 अक्तूबर को होगा। ऐसे में इस साल नवरात्र में 8 दिन की पूजा और नवें दिन विसर्जन का योग बना है। महाष्टमी 13 अक्तूबर को और महानवमी 14 अक्तूबर को मनाई जाएगी। दशहरा 15 अक्तूबर का रहेगा। शारदीय नवरात्र में घटस्थापना का मुहूर्त इस बार सिर्फ अभिजीत मुहूर्त ही रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 7 अक्तूबर को दोपहर 11:52 से 12:38 तक है।
- ज्योतिषाचार्य कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी
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नवरात्रि की तिथियों का घटना व श्राद्ध की तिथियों का बढ़ना अशुभ माना जाता है। इस वर्ष नवरात्र चित्रा नक्षत्र व वैघृति योग में शुरू हो रहे हैं, जिसे छत्र भंग योग राजनीतिक उठापटक, प्राकृतिक आपदा, नई-नई असाध्य बीमारियों व महामारी के भय का कारण बताया जा रहा है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार इस बार नवरात्र में चतुर्थी तिथि क्षय होने के कारण नवरात्र का एक दिन घट रहा है। इसलिए इस बार नवरात्र का पर्व आठ दिन ही रहेगा।
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इस बार नवरात्र आठ दिन के होंगे। 7 अक्तूबर को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 17 मिनट से सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक का है। इस समय घटस्थापना करने से नवरात्र फलदायी है। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में भी स्थापित कर सकते हैं जो 11 बज कर 45 मिनट से 12 बज कर 31 मिनट दोपहर तक कलश स्थापित कर सकते हैं। इस बार मां डोले पर आ रही हैं और हाथी पर विदा होंगी। इसे शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता है। राजनीतिक उठापटक के साथ महामारी, प्राकृतिक आपदा का लोगों को सामना करना पड़ेगा।
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- ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता
इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ बृहस्पतिवार 7 अक्तूबर से होकर समापन बृहस्पतिवार 14 अक्तूबर को होगा। ऐसे में इस साल नवरात्र में 8 दिन की पूजा और नवें दिन विसर्जन का योग बना है। महाष्टमी 13 अक्तूबर को और महानवमी 14 अक्तूबर को मनाई जाएगी। दशहरा 15 अक्तूबर का रहेगा। शारदीय नवरात्र में घटस्थापना का मुहूर्त इस बार सिर्फ अभिजीत मुहूर्त ही रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 7 अक्तूबर को दोपहर 11:52 से 12:38 तक है।
- ज्योतिषाचार्य कामेश्वरनाथ चतुर्वेदी