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UP: मथुरा की होली के लिए बन रहा ये खास रंग...पालक, गाजर, चुकंदर से हो रहा तैयार; यहां से खरीद सकेंगे
Mon, 17 Feb 2025 10:07 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 17 Feb 2025 10:07 PM IST
सार
जिला कारागार में बंदी फल और सब्जियों से रंग और गुलाल तैयार कर रहे हैं। जेल प्रशासन की ओर से इस रंग की बिक्री के लिए विभिन्न स्थानों पर स्टाॅल लगाई जाएंगी, जिससे लोग आसानी से खरीद सकें।
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हल्दी, फल और सब्जी से तैयार हो रहा रंग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा के ब्रज में होली का उल्लास शुरू हो गया है। जिला कारागार में बंदी भी फल और सब्जी से गुलाल और रंग बनाने में जुट गए हैं। पूरी तरह से प्राकृतिक गुलाल और रंगों की बिक्री के लिए जेल प्रशासन स्टॉल लगाएगा ताकि लोगों को पूर्ण प्राकृतिक रंग आसानी से उपलब्ध हो सकें।
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होली के त्योहार को देखते हुए दुकानदारों ने रंग और गुलाल का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। बाजार में रंग और गुलाल बिक्री के लिए उपलब्ध होने लगे हैं। केमिकल रंगों से लोगों को नुकसान होता है। इसलिए जिला जेल में 15 बंदी फल और सब्जी से पांच तरह के रंग और गुलाल बना रहे हैं।
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जेल अधीक्षक अशुंमन गर्ग ने बताया कि बंदी लाल, पीला, हरा, नीला और गुलाबी रंग तथा गुलाल बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि लाल गुलाल और रंग में चुकंदर और गाजर, हरे रंग में पालक, नीले रंग में नील, गुलाबी रंग और गुलाल में चुकंदर और पीले रंग में हल्दी का प्रयोग किया जा रहा है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि जो बंदी रंग और गुलाल बना रहे हैं, उन्हें पहले से यह कार्य आता था। प्राकृतिक रंगों से गुलाल बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने 15 किलो रंग और गुलाल सैंपल के तौर पर बनाकर तैयार कर लिया है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी जो रंग और गुलाल बनाएंगे उसकी बिक्री के लिए जिला कारागार के बाहर स्टॉल लगाया जाएगा। इसके अलावा शहर में भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भी स्टॉल लगाया जाएगा। ताकि लोगों को पूरी तरह से प्राकृतिक वस्तुओं से बना रंग और गुलाल आसानी से उपलब्ध हो जाए।