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अमेरिकी तोहफे में हो सकती हैं मथुरा की मूर्तियां भी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:56 PM IST
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डा.एसपी सिंह, सहायक निदेशक मथुरा संग्रहालय
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अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तस्करी कर ले अमेरिका ले जाई गईं जो 200 दुर्लभ कलाकृतियों को प्रधानमंत्री को वापस करने का वादा किया है, उनमें मथुरा कला की भी कुछ मूर्तियां होने की संभावना है।
प्राचीन सांस्कृतिक संपदा के मामले में मथुरा देश में सर्वोच्च स्थान रखता है। यहां के टीलों की खोदाई में निकली दो से ढाई हजार साल पुरानी दुर्लभ मूर्तियां कई देशों के संग्रहालयों का आकर्षण हैं। मथुरा के राजकीय संग्रहालय में भी मूर्तियों का अकूत खजाना है। यहां की बेशकीमती मूर्तियों की बड़े पैमाने पर तस्करी भी हुई है। ऐसे में ये संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका से आ रहीं 200 दुर्लभ मूर्तियों में मथुरा कला की मूर्तियों की बड़ी संख्या होगी।
इन देशों के संग्रहालयों का प्रमुख आकर्षण
मथुरा कला की मूर्तियां लंदन, अमेरिका, फ्रंास, चीन, जर्मनी, जापान आदि देशों के संग्रहालयों का प्रमुख आकर्षण है।
दुलर्भ कलाकृतियों में होंगी मथुरा कला की मूर्तियां: डा. सिंह
राजकीय संग्रहालय के सहायक निदेशक डा. एसपी सिंह ने बताया कि मथुरा कला की मूर्तियां देश और विदेश में अपना अलग स्थान रखती है। अंग्रेजों के समय में खोदाई के दौरान निकली मूर्तियों को विदेश ले जाया गया। आजादी के बाद बड़े पैमाने पर मथुरा कला की मूर्तियों की तस्करी हुई। इसकी सबसे बड़ी वजह मथुरा कला की मूर्तियों का विदेशी बाजारों में बेशकीमती होना रहा। ऐसे में ये तय है कि जो 200 दुर्लभ कलाकृतियां भारत वापस आ रही हैं उनमें बड़ी संख्या में मथुरा कला की मूर्तियां भी होंगी। हम इन मूर्तियों को मथुरा के संग्रहालय में लाने का प्रयास करेंगे।
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मथुरा कला की मूर्तियों की खासियत
-लाल चित्तीदार पत्थर का प्रयोग
-मध्य देशीय कला का अनुसरण एवं विकास
-प्राचीन यक्ष शैली का अन्य देवी-देवताओं में समन्वय
-प्रतीकों का मानवाकृतियों में रूपांतरण
-स्त्री आकृति के अंकन में लावण्य और आकर्षण
-राजपुरुषों की मूर्तियों का निर्माण
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प्राचीन सांस्कृतिक संपदा के मामले में मथुरा देश में सर्वोच्च स्थान रखता है। यहां के टीलों की खोदाई में निकली दो से ढाई हजार साल पुरानी दुर्लभ मूर्तियां कई देशों के संग्रहालयों का आकर्षण हैं। मथुरा के राजकीय संग्रहालय में भी मूर्तियों का अकूत खजाना है। यहां की बेशकीमती मूर्तियों की बड़े पैमाने पर तस्करी भी हुई है। ऐसे में ये संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका से आ रहीं 200 दुर्लभ मूर्तियों में मथुरा कला की मूर्तियों की बड़ी संख्या होगी।
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इन देशों के संग्रहालयों का प्रमुख आकर्षण
मथुरा कला की मूर्तियां लंदन, अमेरिका, फ्रंास, चीन, जर्मनी, जापान आदि देशों के संग्रहालयों का प्रमुख आकर्षण है।
दुलर्भ कलाकृतियों में होंगी मथुरा कला की मूर्तियां: डा. सिंह
राजकीय संग्रहालय के सहायक निदेशक डा. एसपी सिंह ने बताया कि मथुरा कला की मूर्तियां देश और विदेश में अपना अलग स्थान रखती है। अंग्रेजों के समय में खोदाई के दौरान निकली मूर्तियों को विदेश ले जाया गया। आजादी के बाद बड़े पैमाने पर मथुरा कला की मूर्तियों की तस्करी हुई। इसकी सबसे बड़ी वजह मथुरा कला की मूर्तियों का विदेशी बाजारों में बेशकीमती होना रहा। ऐसे में ये तय है कि जो 200 दुर्लभ कलाकृतियां भारत वापस आ रही हैं उनमें बड़ी संख्या में मथुरा कला की मूर्तियां भी होंगी। हम इन मूर्तियों को मथुरा के संग्रहालय में लाने का प्रयास करेंगे।
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मथुरा कला की मूर्तियों की खासियत
-लाल चित्तीदार पत्थर का प्रयोग
-मध्य देशीय कला का अनुसरण एवं विकास
-प्राचीन यक्ष शैली का अन्य देवी-देवताओं में समन्वय
-प्रतीकों का मानवाकृतियों में रूपांतरण
-स्त्री आकृति के अंकन में लावण्य और आकर्षण
-राजपुरुषों की मूर्तियों का निर्माण