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Mathura News: निर्णायक भूमिका में बंगाली समाज के मतदाता पर जीत का सेहरा नहीं बंधा
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राधाकुंड। नगर पंचायत राधाकुंड के लोग अनेक जरूरी सुविधाओं से वंचित हैं। जिला मुख्यालय तक आने-जाने के लिए बस सेवा उपलब्ध नहीं है। वहीं, सरकारी अस्पताल और स्कूल तो अब तक सपना ही बना है। पंचायत क्षेत्र में बंगाली समाज के मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। यह बात अलग है कि राधारानी की भक्ति में लीन रहने वाले बंगाली समाज के अधिकांश लोग चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाते हैं। बंगाली समाज बहुल क्षेत्र में वर्ष 1988 में चुनावी समर में कूदे पश्चिम बंगाल के प्रत्याशी निमाई दास को हार का सामना करना पड़ा था और स्थानीय निवासी डॉ. भगवत प्रसाद गोस्वामी की जीत हुई। श्रीधाम राधाकुंड में मतदाताओं की संख्या करीब 11 हजार है। इनमें पश्चिम बंगाल के लोगों का वर्चस्व है। धार्मिक और राजनीतिक कार्यों में ये बढ़चढ कर हिस्सा लेते हैं। इसके बावजूद आज तक बंगाली समाज का कोई व्यक्ति चेयरमैन नहीं बन सका।
लोगों को उम्मीद
राधाकुंड की जनता को नगर पंचायत अध्यक्ष से उम्मीद है कि कस्बे में कन्या महाविद्यालय, अस्पताल और मुख्यालय पहुंचने के लिए बस स्टैंड की स्थापना कराई जाए।
अब तक रहे चेयरमैन
घीसाराम मिश्रा 1916 से 1945
बिहारी पटवारी 1945 से 1950
पुनी राम बोहरे 1950 से 1959
मकसूदन (कार्यवाहक) 1959
पुनीराम बोहरे 1960 से 1965
डॉ. भगवत प्रसाद गोस्वामी 1965 से 1977
मल घोटा 1995 से 2000
अंगूरी देवी 2000 से 2005
गीता देवी 2006 से 2011
प्रेमवती 2012 से 2017
टिम्टु 2018 से 2022 तक
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लोगों को उम्मीद
राधाकुंड की जनता को नगर पंचायत अध्यक्ष से उम्मीद है कि कस्बे में कन्या महाविद्यालय, अस्पताल और मुख्यालय पहुंचने के लिए बस स्टैंड की स्थापना कराई जाए।
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अब तक रहे चेयरमैन
घीसाराम मिश्रा 1916 से 1945
बिहारी पटवारी 1945 से 1950
पुनी राम बोहरे 1950 से 1959
मकसूदन (कार्यवाहक) 1959
पुनीराम बोहरे 1960 से 1965
डॉ. भगवत प्रसाद गोस्वामी 1965 से 1977
मल घोटा 1995 से 2000
अंगूरी देवी 2000 से 2005
गीता देवी 2006 से 2011
प्रेमवती 2012 से 2017
टिम्टु 2018 से 2022 तक