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Mathura News: वेंडर देता था रेलवे लाइन पर कॉशन की सूचना, फिर देते थे वारदात को अंजाम
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ट्रेनों में यात्रियों का सामान चोरी करने वाले चोर।
मथुरा। ट्रेन में वेंडर अपने अन्य साथियों को रेल के रूट पर कॉशन(सावधानी आदेश) की जानकारी देता था, इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य ट्रेन में यात्रियों का सामान चोरी करने की योजना बनाते थे। जीआरपी और आरपीएफ ने दो महिलाओं समेत चार सदस्यीय गिरोह के कब्जे से पीली धातु की चेन, मंगलसूत्र, अंगूठी व 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शातिर गिरोह के सदस्य टिकट लेकर ट्रेनों में सफर करते थे।
ट्रेनों में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी को देखते हुए एसपी रेलवे ने विशेष चेकिंग टीम का गठन किया है। टीम बृहस्पतिवार की दोपहर प्लेटफार्म नंबर दो आगरा एंड की ओर चेकिंग कर रही थी। टीम ने दो महिलाओं सहित चार संदिग्धों को पकड़कर उनकी तलाशी ली, तो उनके कब्जे से पीली धातु की 3 चेन, एक मंगलसूत्र, एक अंगूठी पीली धातु व 6 मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम जिला इटावा के थाना एकदिल गांव मानिकपुर निवासी सलमान पुत्र अजीज अली, दिल्ली के थाना कश्मीरी गेट के एक गांव निवासी भोला पुत्र गोपाल, उसकी पत्नी प्रभा और लक्ष्मी पुत्री गणेश बताए।
सीओ रेलवे नजमुल हुसैन रिजवी ने बताया कि पकड़े गए चारों लोग शातिर अपराधी हैं। सलमान के खिलाफ दिल्ली व उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में 27 मुकदमे पंजीकृत हैं। गिरोह के सदस्य टिकट लेकर महिलाओं के साथ ट्रेनों में सवार होते हैं और शिकार को चिन्हित कर वारदात को अंजाम देकर उतर जाते हैं। सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि सलमान के गिरोह में 12 से अधिक महिला-पुरुष शामिल हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी, जिससे उसके गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों पर भी शिकंजा कसा जा सके।
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कॉशन वाले रूटों पर करते थे वारदात
गिरोह के सदस्य सलमान ने बताया कि उसके सदस्य उस रूट पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे, जहां रेलवे द्वारा कॉशन लगाया जाता था। कॉशन वाले स्थान पर ट्रेनें धीमी गति से चलती हैं, जिसका फायदा गिरोह के सदस्य उठाते और ट्रेन की गति धीमी होते ही यात्रियों का सामान चोरी कर रात के समय उतर जाते थे। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि सलमान वेंडर का काम करता था। इस कारण उसे कॉशन वाले रूटों के बारे में अच्छी जानकारी थी। वह ही पूरी घटना का प्लान तैयार करता था।
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ट्रेनों में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी को देखते हुए एसपी रेलवे ने विशेष चेकिंग टीम का गठन किया है। टीम बृहस्पतिवार की दोपहर प्लेटफार्म नंबर दो आगरा एंड की ओर चेकिंग कर रही थी। टीम ने दो महिलाओं सहित चार संदिग्धों को पकड़कर उनकी तलाशी ली, तो उनके कब्जे से पीली धातु की 3 चेन, एक मंगलसूत्र, एक अंगूठी पीली धातु व 6 मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम जिला इटावा के थाना एकदिल गांव मानिकपुर निवासी सलमान पुत्र अजीज अली, दिल्ली के थाना कश्मीरी गेट के एक गांव निवासी भोला पुत्र गोपाल, उसकी पत्नी प्रभा और लक्ष्मी पुत्री गणेश बताए।
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सीओ रेलवे नजमुल हुसैन रिजवी ने बताया कि पकड़े गए चारों लोग शातिर अपराधी हैं। सलमान के खिलाफ दिल्ली व उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में 27 मुकदमे पंजीकृत हैं। गिरोह के सदस्य टिकट लेकर महिलाओं के साथ ट्रेनों में सवार होते हैं और शिकार को चिन्हित कर वारदात को अंजाम देकर उतर जाते हैं। सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि सलमान के गिरोह में 12 से अधिक महिला-पुरुष शामिल हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी, जिससे उसके गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों पर भी शिकंजा कसा जा सके।
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कॉशन वाले रूटों पर करते थे वारदात
गिरोह के सदस्य सलमान ने बताया कि उसके सदस्य उस रूट पर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे, जहां रेलवे द्वारा कॉशन लगाया जाता था। कॉशन वाले स्थान पर ट्रेनें धीमी गति से चलती हैं, जिसका फायदा गिरोह के सदस्य उठाते और ट्रेन की गति धीमी होते ही यात्रियों का सामान चोरी कर रात के समय उतर जाते थे। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि सलमान वेंडर का काम करता था। इस कारण उसे कॉशन वाले रूटों के बारे में अच्छी जानकारी थी। वह ही पूरी घटना का प्लान तैयार करता था।