{"_id":"655909762853e954790d61e4","slug":"the-timing-of-darshan-of-dwarkadhish-temple-will-change-from-devotthan-ekadashi-mathura-news-c-369-1-mt11003-3917-2023-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: देवोत्थान एकादशी से बदल जाएगा द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन का समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: देवोत्थान एकादशी से बदल जाएगा द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन का समय
विज्ञापन
मथुरा। प्राचीन मंदिर ठा. द्वारिकाधीश के दर्शनों का समय 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से परिवर्तित हो जाएगा। इसमें सुबह के दर्शनों का समय तो यथावत रहेगा, लेकिन सायंकाल दर्शनों का समय बदल जाएगा।
देवोत्थान एकादशी से द्वारिकाधीश मंदिर के सायंकाल के दर्शनों का समय बदल जाएगा। विधि प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि सायंकाल में उद्यापन के दर्शन 3:30 से 3:50 तक, भोग के दर्शन 4:20 से 4:40 बजे तक, संध्या आरती 4:55 से 5:10 बजे तक और शयन के दर्शन सायं 6:00 बजे से 7:00 बजे तक होंगे। बताया कि सुबह के दर्शन के समय में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
बताया कि 23 नवंबर देवोत्थान एकादशी के दिन मंगला के दर्शन समय अनुसार होंगे। शृंगार के दर्शन में मंडप के दर्शन होंगे। ग्वाल और राजभोग के दर्शन पूर्व निर्धारित समय पर ही होंगे। उद्यापन के दर्शन 7:30 बजे खुलेंगे। उसके बाद सेवा चालू रहेगी और रात्रि 10:00 बजे जागरण की पहली झांकी खुलेगी।
विज्ञापन
रात्रि 11:45 बजे जागरण की चौथी झांकी के दर्शन होंगे। तत्पश्चात तुलसी शालिग्राम का विवाह होगा और उसके बाद सेवा चालू रहेगी। मंगला, शृंगार व ग्वाल के दर्शन अंदर ही अंदर होंगे और प्रातः काल 4:30 से 5:00 बजे तक राजभोग के दर्शन होंगे अर्थात 24 तारीख को सुबह कोई दर्शन नहीं होंगे और 24 तारीख की शाम को नए समय अनुसार दर्शन खुलेंगे।
विज्ञापन
देवोत्थान एकादशी से द्वारिकाधीश मंदिर के सायंकाल के दर्शनों का समय बदल जाएगा। विधि प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि सायंकाल में उद्यापन के दर्शन 3:30 से 3:50 तक, भोग के दर्शन 4:20 से 4:40 बजे तक, संध्या आरती 4:55 से 5:10 बजे तक और शयन के दर्शन सायं 6:00 बजे से 7:00 बजे तक होंगे। बताया कि सुबह के दर्शन के समय में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
विज्ञापन
बताया कि 23 नवंबर देवोत्थान एकादशी के दिन मंगला के दर्शन समय अनुसार होंगे। शृंगार के दर्शन में मंडप के दर्शन होंगे। ग्वाल और राजभोग के दर्शन पूर्व निर्धारित समय पर ही होंगे। उद्यापन के दर्शन 7:30 बजे खुलेंगे। उसके बाद सेवा चालू रहेगी और रात्रि 10:00 बजे जागरण की पहली झांकी खुलेगी।
विज्ञापन
रात्रि 11:45 बजे जागरण की चौथी झांकी के दर्शन होंगे। तत्पश्चात तुलसी शालिग्राम का विवाह होगा और उसके बाद सेवा चालू रहेगी। मंगला, शृंगार व ग्वाल के दर्शन अंदर ही अंदर होंगे और प्रातः काल 4:30 से 5:00 बजे तक राजभोग के दर्शन होंगे अर्थात 24 तारीख को सुबह कोई दर्शन नहीं होंगे और 24 तारीख की शाम को नए समय अनुसार दर्शन खुलेंगे।