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Mathura News: जांच की जद में आए अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2024 12:53 AM IST
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The officers caught in the investigation may face punishment
मथुरा। रजिस्ट्री कार्यालय में हुई लापरवाही के मामले में मथुरा से हटाए गए अधिकारी व कर्मचारियों पर निलंबन की गाज भी िगर सकती है। मंगलवार को जांच टीम पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ रवाना हो गई। टीम ने इस तरह के संकेत दिए हैं कि एक सप्ताह में इस प्रकरण में बड़ी कार्रवाई होगी।
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मूल डीड एक दिन में वापस न देने पर शासन ने कार्रवाई के बाद यहां जांच सिमति भेजी थी। समिति के सदस्यों ने मंगलवार भी अधिकारियों के साथ ही कार्यालय के सात कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। 20 पन्नों की रिपोर्ट का दो दिन अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासनादेश के बाद आगे की दिशा तय करने के लिए जांच टीम एक सप्ताह बाद फिर मथुरा आएगी।
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अयोध्या मंडल के उप महानिरीक्षक (निबंधन) निरंजन कुमार और उप महानिरीक्षक निबंधन अविनाश पांडेय की जांच समिति ने बताया कि सोमवार को उन्होंने तीनों अधिकारियों से बंद कमरे में एक-एक घंटे तक पूछताछ की थी। मामले में कुछ अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशने के लिए मंगलवार को रजिस्ट्री कार्यालय के सात कर्मचारियों से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं। अन्य जनपदों से संबद्ध तीन अधिकारियों व कर्मचारियों ने अलग-अलग बातें बताई हैं।
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जांच में स्टांप एवं पंजीयन मंत्री के निर्देश के बाद वृंदावन के साधुराम तौरानी को मूल डीड नियमानुसार क्यों नहीं दी गई? ऐसे ही तमाम सवालों पर दो दिन तक अध्ययन होगा।

यह भी तय किया जाएगा कि किस अधिकारी व कर्मचारी की कितनी लापरवाही है। इसके बाद बिंदुवार रिपोर्ट तैयार करके शासन व आईजी निबंधन को भेजी जाएगी। जांच समिति ने संकेत दिए है कि जांच के घेरे में आए अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

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यह है मामला

तीन दिसंबर को वृंदावन के साधुराम तौरानी ने फ्लैट की रजिस्ट्री के बाद मूल डीड देरी से देने पर स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल से फोन पर अधिकारियों की शिकायत की थी। नियमानुसार, रजिस्ट्री के तत्काल बाद मूल डीड देने का नियम है। इस मामले में स्टांप एवं पंजीयन मंत्री ने रजिस्ट्री कार्यालय के उप निबंधन प्रथम अजय कुमार त्रिपाठी, कनिष्ठ सहायक प्रदीप उपाध्याय और सतीश कुमार चौधरी को विभिन्न जनपदों से संबद्ध कर दिया। पूरे मामले की गहनता से जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई। यह टीम सोमवार सुबह मथुरा पहुंची थी।
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