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Mathura News: नहीं घट रही बुखार के मरीजों की संख्या
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मथुरा। मौसम में बदलाव और जलभराव के कारण बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल में पहले जहां 50 से 100 मरीज जुकाम, खांसी एवं बुखार के आते हैं। वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 150 से 200 तक पहुंच गई है। चिकित्सक मरीजों के उपचार के साथ उन्हें दूषित पानी से बचाव और बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में वायरल, मलेरिया बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि वायरल और मलेरिया का कारण शहर एवं देहात क्षेत्र में हुए जलभराव तथा मौसम बदलाव है। जलभराव में मलेरिया का मच्छर पैदा हो रहा है और लोगों को बीमारी प्रदान कर रहा है। वहीं रात को मौसम सर्द हो जाता है और लोग अभी भी कूलर और एसी को प्रयोग कर रहे हैं। अर्ध रात्रि के बाद मौसम ठंडा होने के बाद भी एसी का तापमान कमरे को इतना ठंडा कर देते हैं कि लोगों को जुकाम और खांसी हो जाती है।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में मलेरिया के लिए वार्ड में अलग से 10 बैड आरक्षित कर रखे हैं। इन बैड पर केवल मलेरिया के मरीजों का ही उपचार हो रहा है। अस्पताल आने वाले प्रत्येक बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि मलेरिया की पुष्टि होती है तो उन्हें भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से रात को एसी बंद करने, दूषित पानी से बचने और बुखार के लक्षण दिखते ही अस्पताल आने की सलाह दी है।
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जिला अस्पताल में वायरल, मलेरिया बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि वायरल और मलेरिया का कारण शहर एवं देहात क्षेत्र में हुए जलभराव तथा मौसम बदलाव है। जलभराव में मलेरिया का मच्छर पैदा हो रहा है और लोगों को बीमारी प्रदान कर रहा है। वहीं रात को मौसम सर्द हो जाता है और लोग अभी भी कूलर और एसी को प्रयोग कर रहे हैं। अर्ध रात्रि के बाद मौसम ठंडा होने के बाद भी एसी का तापमान कमरे को इतना ठंडा कर देते हैं कि लोगों को जुकाम और खांसी हो जाती है।
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उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में मलेरिया के लिए वार्ड में अलग से 10 बैड आरक्षित कर रखे हैं। इन बैड पर केवल मलेरिया के मरीजों का ही उपचार हो रहा है। अस्पताल आने वाले प्रत्येक बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि मलेरिया की पुष्टि होती है तो उन्हें भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से रात को एसी बंद करने, दूषित पानी से बचने और बुखार के लक्षण दिखते ही अस्पताल आने की सलाह दी है।
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