{"_id":"68473504e42d5d4ead08047f","slug":"the-flow-of-water-conservation-will-come-from-ponds-mathura-news-c-369-1-mt11009-130847-2025-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: तालाबों से निकलेगी जल संरक्षण की धार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: तालाबों से निकलेगी जल संरक्षण की धार
विज्ञापन
मथुरा। फरह के नगला मिर्जापुर में खुदवाया नया तालाब।
- फोटो : mathura
मथुरा। गिरते भूगर्भ जल स्तर और लुप्त होते जलस्रोतों की चिंताजनक हालत को देखते हुए मनरेगा के तहत जल सरंक्षण के लिए काम होगा। इसके लिए जिले के विभिन्न ब्लॉकों में अब तक 292 तालाबों की खुदाई कराने की योजना बनाई गई है। इससे गांवों में जलभराव की समस्या से भी निजात मिलेगी और भूगर्भ जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। अब तक छह तालाबों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 82 तालाबों की खुदाई जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, जिले का भूजल स्तर लगातार नीचे खिसकता जा रहा है। कई क्षेत्रों में तो 200 फुट से अधिक पर पानी मिल रहा है। वह भी पीने योग्य नहीं है। यहीं नहीं टीडीएस 800 से 3500 तक आंका गया है। टीडीएस का यह स्तर सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होता है। भूजल स्तर गिरने का मुख्य कारण प्राकृतिक जल स्रोत खत्म होना और ज्यादा से ज्यादा पानी का दोहन करना है। कई क्षेत्रों में जल संकट से खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इसलिए भूजल संचयन के लिए तालाब बनाने की परंपरा फिर से जिंदा हो गई। जिले की विभिन्न ब्लॉकों में 292 तालाबों की खुदाई कराने की योजना बनाई गई है। यह कार्य मनरेगा के तहत होगा। डीसी मनरेगा विजय पांडेय ने बताया है कि फिलहाल बलदेव में दो, फरह में एक और राया में तीन तालाबों की खुदाई पूरी हो गई है। इनमें पानी का संचयन करना बाकी रह गया है।
-- -
ठीक ढंग से होंगे विकसित
अधिकारियों के मुताबिक, नए तालाबों की खुदाई में करीब तीन से चार लाख रुपये की लागत आने का अनुमान हैं। अगर कोई बड़ा तालाब खुदेगा तो रकम बढ़ भी सकती है। साथ ही तालाब की मरम्मत कार्य में सिर्फ एक से डेढ लाख रुपये की लागत जाएगी। ऐसे में वर्तमान में चिन्हित किए गए तालाबों की खुदाई में करीब 11.68 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन तालाबों को ठीक ढंग से विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
--
इन क्षेत्रों में चिन्हित किए गए तालाब
ब्लॉक-तालाबों की संख्या
बलदेव-29
चौहमुंहा-22
छाता-27
फरह-32
गोवर्धन-28
मांट-29
सदर- 28
नंदगांव-21
नौहझील-28
राया-28
(वर्तमान में चिन्हित तालाबों की संख्या )
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, जिले का भूजल स्तर लगातार नीचे खिसकता जा रहा है। कई क्षेत्रों में तो 200 फुट से अधिक पर पानी मिल रहा है। वह भी पीने योग्य नहीं है। यहीं नहीं टीडीएस 800 से 3500 तक आंका गया है। टीडीएस का यह स्तर सेहत के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होता है। भूजल स्तर गिरने का मुख्य कारण प्राकृतिक जल स्रोत खत्म होना और ज्यादा से ज्यादा पानी का दोहन करना है। कई क्षेत्रों में जल संकट से खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इसलिए भूजल संचयन के लिए तालाब बनाने की परंपरा फिर से जिंदा हो गई। जिले की विभिन्न ब्लॉकों में 292 तालाबों की खुदाई कराने की योजना बनाई गई है। यह कार्य मनरेगा के तहत होगा। डीसी मनरेगा विजय पांडेय ने बताया है कि फिलहाल बलदेव में दो, फरह में एक और राया में तीन तालाबों की खुदाई पूरी हो गई है। इनमें पानी का संचयन करना बाकी रह गया है।
विज्ञापन
ठीक ढंग से होंगे विकसित
अधिकारियों के मुताबिक, नए तालाबों की खुदाई में करीब तीन से चार लाख रुपये की लागत आने का अनुमान हैं। अगर कोई बड़ा तालाब खुदेगा तो रकम बढ़ भी सकती है। साथ ही तालाब की मरम्मत कार्य में सिर्फ एक से डेढ लाख रुपये की लागत जाएगी। ऐसे में वर्तमान में चिन्हित किए गए तालाबों की खुदाई में करीब 11.68 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन तालाबों को ठीक ढंग से विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में चिन्हित किए गए तालाब
ब्लॉक-तालाबों की संख्या
बलदेव-29
चौहमुंहा-22
छाता-27
फरह-32
गोवर्धन-28
मांट-29
सदर- 28
नंदगांव-21
नौहझील-28
राया-28
(वर्तमान में चिन्हित तालाबों की संख्या )