वृंदावन। यमुना मुक्ति करण अभियान के तहत संतों और धर्माचार्यों की बैठक मंगलवार को श्रीमद्भागवत मंदिर में हुई। इसमें यमुना की दुर्दशा और शुद्धिकरण को लेकर विचार-विमर्श किया गया।आचार्य बद्रीश ने कहा कि यमुना शुद्धिकरण अभियान विरक्त संत रमेश बाबा के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा। यमुना जल के बंटवारे को लेकर केंद्र और चार राज्यों के बीच हुए समझौते की पुन: समीक्षा कर प्रदेश को यमुना जल का हिस्सा मिले इसके प्रयास किए जांएगे। हथिनीकुंड से लेकर इलाहाबाद संगम तक यमुना में बह रहे नाले टेप कराने के साथ गंग नहर से जल को जमुना में प्रवाहित करने की मांग की जाएगी। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत जो कार्य कराए जा रहे हैं इसकी जानकारी यमुना मुक्ति करण अभियान के संतों को दी जाए। सौरभ गौड़ ने कहा कि 27 मार्च यमुना छठ पर केशी घाट पर अखंड हरिनाम संकीर्तन प्रारंभ किया जाएगा। यमुना शुद्धिकरण अभियान को उसी स्थान से प्रारंभ किया जाए जहां वर्ष 2015 में छोड़ा गया था। बैठक में तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रयाग नाथ चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी, आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, संत गोपेश महाराज, संत कृष्णानंद महाराज, महंत मोहिनी बिहारी शरण, महामंडलेश्वर स्वामी नवल गिरी, सुनील सिंह, स्वामी देवदत्त आदि मौजूद रहे।