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Mathura News: भीड़ ने बढ़ा दी भक्त और भगवान के बीच की दूरी
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर की मुख्य गली में लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में शनिवार को सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। मंदिर दर्शनार्थियों से खचाखच भरा रहा वहीं मार्गों पर लंबी कतारें लगी रहीं। गर्मी में भीड़ के बीच श्रद्धालु पसीने से तरबतर रहे। बच्चे और महिलाओं को धक्कों और भीड़ के दबाव के बीच मुश्किल से दर्शन हो सके। सौ मीटर की दूरी से मंदिर के द्वार तक पहुंचने में भक्तों को करीब पौन घंटे से अधिक समय लगा।
शनिवार के साथ अधिक मास होने पर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान से आए श्रद्धालु ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही विद्यापीठ चौराहा से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रहीं। दाऊजी तिराहा से मंदिर के द्वार तक दर्शनार्थी आराध्य के दर्शन की लालसा में राधे-राधे रटते हुए आगे बढ़ते नजर आए। हाथों में प्रसाद व पुष्प माला लिए मंदिर के द्वार तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी समय तक लाइन में इंतजार करना पड़ा।
मंदिर ही नहीं आसपास की संकरी गलियां श्रद्धालुओं से भर गई। यहां पैर रखने की जगह नहीं रही। लोगाें ने बच्चों का भीड़ के दबाव से बचाव के लिए अपने कंधों पर ले लिया। भीड़ में धक्कों के कारण सर्वाधिक परेशानी वृद्ध एवं महिला श्रद्धालुओं को हुई। रेलिंग के बीच श्रद्धालुओं ने मंदिर में अपने आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन किए। मंदिर के अंदर तैनात गार्ड श्रद्धालुओं को निकास द्वार की ओर बढ़ा रहे थे। भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं को मुश्किल से दर्शन हो सके।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि शनिवार के अवकाश के साथ अधिक मास की नृसिंह चौदस होने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आराध्य के दर्शन करने के लिए आए। मंदिर की गलियों में भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। रविवार को पूर्णिमा तिथि होने पर भी भीड़ रहने की संभावना है।
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शनिवार के साथ अधिक मास होने पर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान से आए श्रद्धालु ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही विद्यापीठ चौराहा से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रहीं। दाऊजी तिराहा से मंदिर के द्वार तक दर्शनार्थी आराध्य के दर्शन की लालसा में राधे-राधे रटते हुए आगे बढ़ते नजर आए। हाथों में प्रसाद व पुष्प माला लिए मंदिर के द्वार तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी समय तक लाइन में इंतजार करना पड़ा।
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मंदिर ही नहीं आसपास की संकरी गलियां श्रद्धालुओं से भर गई। यहां पैर रखने की जगह नहीं रही। लोगाें ने बच्चों का भीड़ के दबाव से बचाव के लिए अपने कंधों पर ले लिया। भीड़ में धक्कों के कारण सर्वाधिक परेशानी वृद्ध एवं महिला श्रद्धालुओं को हुई। रेलिंग के बीच श्रद्धालुओं ने मंदिर में अपने आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन किए। मंदिर के अंदर तैनात गार्ड श्रद्धालुओं को निकास द्वार की ओर बढ़ा रहे थे। भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं को मुश्किल से दर्शन हो सके।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि शनिवार के अवकाश के साथ अधिक मास की नृसिंह चौदस होने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आराध्य के दर्शन करने के लिए आए। मंदिर की गलियों में भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। रविवार को पूर्णिमा तिथि होने पर भी भीड़ रहने की संभावना है।