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Mathura News: ढाई घंटे की बारिश से शहर जलमग्न, ओले भी पड़े

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 May 2025 12:34 AM IST
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The city was submerged due to two and a half hours of rain, hail also fell
मथुरा। नए बस स्टैंड के समीप रेलवे पुल के नीचे जलभराव में फंसी रोडवेज बस और कार। - फोटो : mathura
मथुरा। शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश व आंधी के कारण कई पेड़ उखड़ गए और सड़कें लबालब हो गईं। ढाई घंटे तक हुई बारिश से सड़कों के अलावा घरों और दुकानों में चार-चार फीट तक पानी भर गया। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई।
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नए बस अड्डा के निकट व भूतेश्वर तिराहे पर अंडरपासों में चार-चार फीट पानी भर गया। वहीं भारी जलभराव के बीच गुजरने वाले कई वाहन खराब हो गए, इससे सड़कों पर जाम लग गया है। दिनभर नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों पानी निकासी के इंतजाम में जुटे रहे। हालांकि अधिकारियों को देर शाम सफलता नहीं मिली।
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सुबह 4:30 बजे से ढाई घंटे तक तेज आंधी के साथ बारिश होती रही। बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। मथुरा-वृंदावन के साथ-साथ जिले के अधिकतर क्षेत्रों में यही हाल रहा। शहर में जगह-जगह जलभराव रहा। इस स्थिति में राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।
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मंडी समिति परिसर, नया बस अड्डा, भूतेश्वर तिराहा, कंकाली रोड समेत अन्य स्थानों पर जलभराव की अधिक समस्या रही। नए बस स्टैंड अंडरपास में हुए जलभराव से रोडवेज बस, थार समेत कई वाहन फंस गए। यातायात विभाग ने क्रेन के माध्यम से वाहनों को निकाला। वृंदावन में रंगनाथ मंदिर के बाहर जलभराव के बीच से श्रद्धालु मंदिरों को जाने को मजबूर रहे। इधर, दिनभर नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों पानी निकासी के इंतजाम में जुटे रहे।
नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने नए बस अड्डा अंडरपास जल निकासी के इंतजाम देखने पहुंचे। हालांकि अधिकारियों को देर शाम सफलता नहीं मिली। जलभराव की स्थिति जस की तस बनी रही। वहीं मौसम विभाग ने सोमवार तक तेज बारिश के साथ आंधी का पूर्वानुमान जारी किया है।
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मानसून से पहले ही निगम की खुली पोल

मानसून आने के दो माह पहले नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सभी इंतजाम धरे के धरे रहे गए। ढाई घंटे की बारिश से जलभराव निकासी के इंतजाम उजागर हो गए। ढाई घंटे की बारिश से कई जगह भयंकर जलभराव हो गया। अंडरपासों पर डूब जाने वाली स्थिति हो गई तो कई अन्य जगहों पर भी सड़कें लबालब हो गईं। नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी दिनभर इधर से उधर दौड़ते रहे, लेकिन व्यवस्थाएं कोई नहीं दिखी।
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चार जलभराव के अति संवेदनशील प्वाइंट
मथुरा में चार से अधिक ऐसे अति संवेदनशील प्वाइंट हैं, जहां पर हर साल जलभराव होता है, रास्ता रुक जाता है। इतना खतरनाक जलभराव होता है कि कार पूरी तरह से डूब जाती है। बसों की सिर्फ छत ही नजर आती है। बारिश के मौसम में ऐसा हाल हो जाता है। इसमें नया बस अड्डा अंडरपास, भूतेश्वर तिराहा अंडरपास, विकास बाजार के निकट अंडरपास और मंडी परिसर शामिल हैं।
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24 घंटे में 14 डिग्री लुढ़का पारा
शुक्रवार तड़के हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया। पहले तेज आंधी चली। इसके बाद बादल गरजे और 4:30 बजे बारिश शुरू हो गई। मौसम के बदलाव से तापमान में गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में 14 डिग्री तापमान लुढ़क गया है। मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार, तेज हवा चलने की वजह से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता अचानक बढ़ गई। आने वाले चार-पांच दिन तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम विभाग ने शनिवार, रविवार और सोमवार को भी बारिश होने की आसार जताए हैं। हवा की रफ्तार बढ़ने से धूप निकलने पर भी गर्मी से राहत मिली रहेगी।
पानी निकासी के लिए लगे पंप हांफे
नया बस स्टैंड अंडरपास पर हुए जलभराव का पानी निकालते-निकालते नगर निगम की तीन पंप हाफ गए। इतना जलभराव हुआ कि कर्मचारियों को दो और पानी निकालने के लिए पंप मंगवाने पड़े। वहीं अंडरपास के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को डायवर्जन किया गया। नगर आयुक्त ने कहा है कि दिनभर जलभराव के स्थानों की मॉनीटरिंग की गई। साथ ही जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकाला गया।


मंडी समिति में खुले में रखा गेहूं भीगा
बारिश और आंधी से सरकारी खरीद केंद्रों की लापरवाही भी उजागर हुई है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार बारिश और आंधी की चेतावनी दिए जाने के बावजूद मंडी समिति और खरीद केंद्रों ने कोई एहतियात नहीं बरती। इसका नतीजा यह है कि खुले आसमान के नीचे रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं तेज बारिश में भीग गया। मंडी समिति में बड़े टिनशेड वाले चबूतरे मौजूद हैं, लेकिन इन चबूतरों को खाली छोड़कर सरकारी खरीद का गेहूं खुले में रखा गया। बारिश शुरू होते ही अनाज पानी में भीगने लगा।

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किसान मायूस, फसलें प्रभावित
बेमौसम बारिश से किसानों नुकसान हुआ है। मूसलाधार बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश थमते ही किसान अपने खेतों की ओर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मक्का, ज्वार, बाजरा और मूंग की फसलें बारिश और आंधी से प्रभावित हुई हैं। वहीं कुछ किसानों की गेहूं की फसल खेतों में कटी पड़ी है। मक्का, ज्वार, बाजरा और मूंग की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गांव तेहरा निवासी अवधेश रावत ने बताया कि फसलों में करीब 40 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है।
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