फरह। दीनदयाल धाम में पं. दीनदयाल के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा और हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विमर्श प्रमुख मुकुल कानितकर ने कहा कि श्रेष्ठ हिंदू वही है, जो विश्व के कल्याण की कामना रखता हो। विश्व की सभी त्रासदियों को केवल हिंदू ही दूर कर सकता है। हिंदू बन कर जीवन जीना समाज की श्रेष्ठ पद्धति है। आचरण, कर्तव्य, विचार और चरित्र से ही हिंदू श्रेष्ठ होता है।
उन्होंने कहा कि हिंदू अपने चरित्र से समस्त मानव जाति को जीवन जीने की कला सिखाता है। यही एक हिंदू का काम है। उन्होंने कहा कि यह भूमि गोपाल के चरण रज से पवित्र हुई है तो पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म दर्शन से विश्व में प्रचारित हुई है। महामंडलेश्वर जितेंद्रानंद सरस्वती ने अपने आशीर्वचन में कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म दर्शन का जो विचार दिया, दुनिया ने उस विचार को अपनाया। इससे पहले अतिथियों ने दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समिति के अध्यक्ष सोहनलाल शर्मा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पाठक, स्मारक निदेशक सोनपाल, स्मारक मंत्री केशव कुमार, एसएन मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता, डा. रोशन लाल भीकम चंद दुबे, रीना सिंह, डा. हरी भदोरिया आदि मौजूद रहे।