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‘सफलता किसी को गिफ्ट और लिफ्ट से नहीं मिलती’
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:04 PM IST
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अपने कड़वे प्रवचनों के लिए विख्यात क्रांतिकारी राष्ट्रसंत जैन मुनि तरुण सागर ने सोमवार को संस्कार शिविर में बच्चों को देशभक्त और बड़ों को कर्मप्रधान बनने की नसीहत दी। जैन मुनि ने तर्क के साथ सिद्ध किया कि व्यक्ति कर्म से महान बनता है राशियों से नहीं।
जैन मुनि राधानगर पार्क में कड़वे प्रवचनों के बाद सोमवार को कड़े शिक्षक के रूप में नजर आए। उन्होंने कहा कि कर्म पर विश्वास करो, राशियों पर नहीं। राम और रावण, कृष्ण और कंस, महावीर और मारीच, गांधी-गोडसे की राशि एक है लेकिन इनके कर्म अलग-अलग हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा वार परिवार है। जहां मां-बाप को सम्मान दिया जाता है और उनका कहा माना जाता है वो घर स्वर्ग के समान है। जैन मुनि ने कहा कि अगर आप सफल होना चाहते है तो बहाना बनाना छोड़ दीजिए। ये दोनों चीजें साथ-साथ नहीं चलती है।
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सफलता किसी को गिफ्ट और लिफ्ट से नहीं मिलती है ये खुद में शिफ्ट होने से मिलती है। नशा जीवन की दशा और दिशा दोनों बिगाड़ देता है। इस बीच छात्र और छात्राओं ने संवाद कर मुनिश्री से अपनी जिज्ञासा शांत की। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि मुनिश्री मंगलवार 8 दिसंबर को सुबह साढ़े आठ बजे जैन चौरासी मंदिर में गुरुमंत्र दीक्षा से संस्कारित करेंगे।
बच्चों को दिलाई शपथ
कभी मां-बाप को वृद्धाश्रम नहीं भेजेंगे
कभी आत्महत्या नहीं करेंगे
कभी देश के प्रति गद्दारी नहीं करेंगे
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जैन मुनि राधानगर पार्क में कड़वे प्रवचनों के बाद सोमवार को कड़े शिक्षक के रूप में नजर आए। उन्होंने कहा कि कर्म पर विश्वास करो, राशियों पर नहीं। राम और रावण, कृष्ण और कंस, महावीर और मारीच, गांधी-गोडसे की राशि एक है लेकिन इनके कर्म अलग-अलग हैं।
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उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा वार परिवार है। जहां मां-बाप को सम्मान दिया जाता है और उनका कहा माना जाता है वो घर स्वर्ग के समान है। जैन मुनि ने कहा कि अगर आप सफल होना चाहते है तो बहाना बनाना छोड़ दीजिए। ये दोनों चीजें साथ-साथ नहीं चलती है।
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सफलता किसी को गिफ्ट और लिफ्ट से नहीं मिलती है ये खुद में शिफ्ट होने से मिलती है। नशा जीवन की दशा और दिशा दोनों बिगाड़ देता है। इस बीच छात्र और छात्राओं ने संवाद कर मुनिश्री से अपनी जिज्ञासा शांत की। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि मुनिश्री मंगलवार 8 दिसंबर को सुबह साढ़े आठ बजे जैन चौरासी मंदिर में गुरुमंत्र दीक्षा से संस्कारित करेंगे।
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कभी आत्महत्या नहीं करेंगे
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