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2.10 अरब के गोलमाल पर अफसर मौन

Wed, 03 Jun 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Wed, 03 Jun 2015 12:04 AM IST
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sun city scam in mathura
किसानों संग की गई बड़ी हेराफेरी पर अफसर मौन हैं। नेशनल हाईवे के निकट वृंदावन क्षेत्र में हाईटेक सिटी के नाम पर किसान छल करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सनसिटी हाईटेक के निदेशकों ने यहां एप्रूव्ड डीपीआर के अलावा भी एक और प्रोजेक्ट दर्शा कर किसानों से कई एकड़ जमीन ली और फिर उसे मुंहमांगे दामों पर बेच डाला।
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 2003 में मुलायम सिंह सरकार ने प्रदेश के 11 शहरों में हाईटेक सिटी बनाने की नीति घोषित की थी। इसके लिए मथुरा जनपद में सनसिटी हाईटेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से राज्य सरकार ने अनुबंध किया। योजना के तहत प्रारंभिक चरण में 1500 एकड़ में विस्तार कर हाईटेक सिटी का निर्माण होना था।
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यह जमीन 90 साल के लिए लीज पर राज्य सरकार द्वारा कंपनी को देनी थी। कंपनी को 750 करोड़ का निवेश करना था। इसके लिए पांच साल तय किए गए।
 
हाईटेक सिटी पॉलिसी के तहत राज्य सरकार ने मथुरा जनपद में हाईटेक सिटी के लिए वृंदावन क्षेत्र के गांव जैंत, छटीकरा, सुनरख बांगर, नगला रामताल और नगला सुम्मेरा की 1500 एकड़ जमीन को अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत 29 अगस्त 2006 राज्य सरकार ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के माध्यम से अधिग्रहण की धारा 4 जारी कर दी।
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अधिग्रहण की इसी कार्रवाई का भय दिखाकर कंपनी ने किसानों से जमीन की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी। जबकि इस जमीन का अधिग्रहण प्रशासन को करना था।
 
किसानों के अनुसार सरकारी अधिग्रहण के भय के बतौर 45 लाख रुपए प्रति एकड़ कीमत वाली जमीन का अनुबंध कंपनी ने किसानों के साथ 4 से 12 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से करना शुरू कर दिया।

इसमें कंपनी ने 405 एकड़ जमीन खरीदने के बाद किसानों की और जमीन को हड़पने के लिए 14 अलग-अलग कंपनियों का गठन किया था। प्रोजेक्ट से बाहर 270 एकड़ जमीन के बैनामे भी कराए गए। इस जमीन को कंपनी ने मुंहमांगे दामों पर बेच दिया।


उठ रहे गंभीर सवाल
-इस पूरे स्कैंडल में 700 एकड़ जमीन खरीदी गई, इसमें औसतन 30 लाख प्रति एकड़ की चपत किसानों को लगी जो 2.10 अरब बैठता है।
 -अधिग्रहण की कार्रवाई के बाद कंपनी के सीधे जमीन खरीदने पर चुप रहे अफसर
-गजट के बाद लोक प्रयोजन के लिए अधिग्रहित जमीनों की बिक्री पर नहीं लिया कोई एक्शन
-सनसिटी हाईटेक सिटी के निदेशकों ने अपने ही नाम, पते से गठित कर ली 14 अलग-अलग कंपनियां
-इन कंपनियों ने भी किसानों से कौड़ियों के भाव जमीनें खरीदीं, मुंहमांगे दामों पर बेच दी


ये है किसानों की मांग
-किसानों के साथ हो रहे उत्पीडन को तत्काल रोका जाए
-नियम विरुद्ध किसानों से हड़पी जमीन को किसानों को वापस दिया जाए
-गोलमाल करने वालों,  दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए
-किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी के स्केंडल की जांच सीबीआई से कराई जाए
-जांच पूरी होने तक जमीन के क्रय विक्रय और निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए
-किसानों को पुलिस बल, निजी सुरक्षाकर्मियों से धमकाया जा रहा है, इस पर तत्काल रोक लगाई जाए

डीएम से हमारी मांग है कि फर्जी तरीके से प्रोजेक्ट से बाहर 14 कंपनी बनाकर किसानों की जो जमीनें हड़पी है उन्हें तत्काल किसानों को वापस किया जाए। इसके दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
-राजेंद्र सिंह, अध्यक्ष ब्रज वृंदावन संघर्ष समिति
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