{"_id":"623b69fa4b02e176050352a5","slug":"stopped-the-women-who-came-to-worship-basoda-near-idgah-mathura-news-mtr514965192","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईदगाह के पास बासौड़ा पूजने आईं महिलाओं को रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईदगाह के पास बासौड़ा पूजने आईं महिलाओं को रोका
विज्ञापन
मथुरा। ईदगाह की सीढ़ियों के पास कुएं पर बासौड़ा पूजन को लेकर बुधवार को दो समुदायों के लोग आमने- सामने आ गए। इससे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने बासौड़ा पूजन करने आईं महिलाओं को पूजा-अर्चना करने दी। पुलिस ने इसे परंपरागत पूजा-अर्चना बताया।
बुधवार की सुबह पांच बजे २० से अधिक महिलाएं पूजन के लिए ईदगाह पहुंचीं। यहां पर सीढ़ियों के पास कुएं पर बासौड़ा (शीतला माता की पूजा) का पूजन करने लगीं। इससे विशेष समुदाय के लोगों ने रोकना चाहा। माहौल को खराब होता देख सूचना पर गोविंदनगर पुलिस के अलावा पीएसी भी पहुंच गई। माहौल को गर्माता देख पुलिस ने विशेष समुदाय के लोगों को समझाना चाहा, पर वह नहीं माने। इससे गर्माहट बढ़ने लगी तो पुलिस-प्रशासन के अफसर भी पहुंच गए। मामले को शांत कराकर पुलिस अफसरों ने महिलाओं को पूजन करवाया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि परंपरागत रूप से ईदगाह की सीढ़ियों के पास बने कुएं पर लंबे समय से क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों की महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए आती-जाती रही हैं। यहां बच्चों के मुंडन संस्कार भी होते रहे हैं। जब यहां बासौड़ा पूजन के लिए कुछ महिलाएं पहुंचीं तो एक समुदाय के लोगों ने यह कहकर विरोध किया कि यहां इससे पहले कभी कोई पूजा-अर्चना नहीं हुई। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि पूजा अर्चना परंपरागत है। इसे कोई नहीं रोक सकता। इस मामले में कोई तहरीर नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार की सुबह पांच बजे २० से अधिक महिलाएं पूजन के लिए ईदगाह पहुंचीं। यहां पर सीढ़ियों के पास कुएं पर बासौड़ा (शीतला माता की पूजा) का पूजन करने लगीं। इससे विशेष समुदाय के लोगों ने रोकना चाहा। माहौल को खराब होता देख सूचना पर गोविंदनगर पुलिस के अलावा पीएसी भी पहुंच गई। माहौल को गर्माता देख पुलिस ने विशेष समुदाय के लोगों को समझाना चाहा, पर वह नहीं माने। इससे गर्माहट बढ़ने लगी तो पुलिस-प्रशासन के अफसर भी पहुंच गए। मामले को शांत कराकर पुलिस अफसरों ने महिलाओं को पूजन करवाया।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों ने बताया कि परंपरागत रूप से ईदगाह की सीढ़ियों के पास बने कुएं पर लंबे समय से क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों की महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए आती-जाती रही हैं। यहां बच्चों के मुंडन संस्कार भी होते रहे हैं। जब यहां बासौड़ा पूजन के लिए कुछ महिलाएं पहुंचीं तो एक समुदाय के लोगों ने यह कहकर विरोध किया कि यहां इससे पहले कभी कोई पूजा-अर्चना नहीं हुई। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि पूजा अर्चना परंपरागत है। इसे कोई नहीं रोक सकता। इस मामले में कोई तहरीर नहीं आई है।
विज्ञापन