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Mathura News: डिजिटल अरेस्ट कर 42 लाख ठगने वाले छह साइबर ठग गिरफ्तार
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मथुरा। साइबर थाने की पुलिस ने छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने पश्चिम बंगाल के व्यक्ति को डिजीटल अरेस्ट करके 42 लाख रुपये की ठगी की थी। इनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की करीब 20 प्राथमिकी दर्ज हैं। फिलहाल राजस्थान में बैठा गिरोह का सरगना पुलिस की रडार पर है।
पुलिस को शनिवार को मुखबिर ने सूचना दी कि यमुना एक्सप्रेसवे के वृंदावन कट अंडरपास से मांट की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर थार कार में कुछ संदिग्ध युवक बैठे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को देख कार सवार भागने लगे, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। इनकी पहचान फरह के शाही सराय वार्ड-एक निवासी प्रशांत, पिलुआ सादिकपुर निवासी लक्ष्मण, रिफाइनरी के खेडिया निवासी कृष्णकांत उर्फ श्रीकृष्ण, हाईवे के बालाजीपुरम निवासी अरुण सिंह, आगरा के अछनेरा रामपुर बवलोर निवासी बलराम और हाथरस के थाना बिसावर गांव बिसावर निवासी पुष्पेंद्र उर्फ पियूष के रूप में हुई है।
आरोपियों के पास से थार कार, दो बैंक की पासबुक, दो एटीएम कार्ड, एक चेक बुक और पांच मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लोगों को लालच देकर उनके विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे और बैंक डिटेल अपने पास रखते थे। इसके एवज में खाताधारकों को उनके खाते में आने वाली रकम का 15 फीसदी हिस्सा दिया जाता था। लोगों को झांसा देकर आरोपी इन्हीं खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराते थे ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।
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28 नवंबर 2025 को आरोपियों ने पश्चिमी बंगाल के थाना बारानगर निवासी व्यक्ति को डिजीटल अरेस्ट करके 42 लाख रुपये की ठगी की थी। इसी तरह आरोपियों के खिलाफ कई राज्यों में 20 ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। एसपी क्राइम श्वेता यादव ने बताया कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
थार से राजस्थान ले जाते थे ठगी की रकम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना राजस्थान में रहता है। गिरफ्तार आरोपी किराये पर थार लेकर वह हर माह ठगी की रकम लेकर सरगना के पास राजस्थान जाते थे। वहीं पर ठगी की रकम का बंटवारा होता था। पुलिस सरगना की तलाश में जुटी है।
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पुलिस को शनिवार को मुखबिर ने सूचना दी कि यमुना एक्सप्रेसवे के वृंदावन कट अंडरपास से मांट की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर थार कार में कुछ संदिग्ध युवक बैठे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को देख कार सवार भागने लगे, पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। इनकी पहचान फरह के शाही सराय वार्ड-एक निवासी प्रशांत, पिलुआ सादिकपुर निवासी लक्ष्मण, रिफाइनरी के खेडिया निवासी कृष्णकांत उर्फ श्रीकृष्ण, हाईवे के बालाजीपुरम निवासी अरुण सिंह, आगरा के अछनेरा रामपुर बवलोर निवासी बलराम और हाथरस के थाना बिसावर गांव बिसावर निवासी पुष्पेंद्र उर्फ पियूष के रूप में हुई है।
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आरोपियों के पास से थार कार, दो बैंक की पासबुक, दो एटीएम कार्ड, एक चेक बुक और पांच मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लोगों को लालच देकर उनके विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे और बैंक डिटेल अपने पास रखते थे। इसके एवज में खाताधारकों को उनके खाते में आने वाली रकम का 15 फीसदी हिस्सा दिया जाता था। लोगों को झांसा देकर आरोपी इन्हीं खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराते थे ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।
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28 नवंबर 2025 को आरोपियों ने पश्चिमी बंगाल के थाना बारानगर निवासी व्यक्ति को डिजीटल अरेस्ट करके 42 लाख रुपये की ठगी की थी। इसी तरह आरोपियों के खिलाफ कई राज्यों में 20 ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। एसपी क्राइम श्वेता यादव ने बताया कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
थार से राजस्थान ले जाते थे ठगी की रकम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना राजस्थान में रहता है। गिरफ्तार आरोपी किराये पर थार लेकर वह हर माह ठगी की रकम लेकर सरगना के पास राजस्थान जाते थे। वहीं पर ठगी की रकम का बंटवारा होता था। पुलिस सरगना की तलाश में जुटी है।