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Mathura News: ई-रिक्शा पंजीकरण के चार माह बाद भी नहीं सुधरे हालात
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वृंदावन। ई-रिक्शा चालक समिति ने नगर निगम द्वारा ई-रिक्शा चालकों से रजिस्ट्रेशन शुल्क लेने के चार माह बाद भी व्यवस्था में किसी तरह का सुधार न होने पर सवाल खड़े किए।
अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने शुक्रवार दोपहर सौ सैय्या बैरियर के पास एक भवन में नगर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्होंने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल तक यातायात प्रबंधन में सहयोग किया। नगर निगम और स्थानीय अफसरों से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संवाद किया। इसका उद्देश्य उनके सुझावों और प्रशासन व चालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करना था।
सामाजिक कार्यकर्ता ताराचंद गोस्वामी ने कहा कि नगर निगम द्वारा ई-रिक्शा चालक से 3-3 हजार रुपये वसूले गए लेकिन ई-रिक्शा चालकों के लिए अभी तक कोई पार्किंग सुविधा विकसित नहीं की है। इस मौके पर मदनलाल, अभिषेक खंडेलवाल, अजय चौधरी, गौरव शर्मा मौजूद रहे।
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अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने शुक्रवार दोपहर सौ सैय्या बैरियर के पास एक भवन में नगर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्होंने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर करीब डेढ़ साल तक यातायात प्रबंधन में सहयोग किया। नगर निगम और स्थानीय अफसरों से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संवाद किया। इसका उद्देश्य उनके सुझावों और प्रशासन व चालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करना था।
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सामाजिक कार्यकर्ता ताराचंद गोस्वामी ने कहा कि नगर निगम द्वारा ई-रिक्शा चालक से 3-3 हजार रुपये वसूले गए लेकिन ई-रिक्शा चालकों के लिए अभी तक कोई पार्किंग सुविधा विकसित नहीं की है। इस मौके पर मदनलाल, अभिषेक खंडेलवाल, अजय चौधरी, गौरव शर्मा मौजूद रहे।
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