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Mathura News: सेवायत की निजी संपत्ति है चांदी का रथ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:30 AM IST
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Silver chariot is the personal property of the Sevayat
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के जिस चांदी के रथ के गायब होने जाने का आरोप मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के पूर्व सदस्य द्वारा लगाया गया, उन आरोपों पर मंदिर प्रबंधन ने कहा कि चांदी का रथ मंदिर की संपत्ति नहीं है, वह सेवायत का निजी रथ है और वह उनके पास मौजूद है। तीन सेवायतों के पास चांदी के रथ हैं जो अपनी सेवाओं में उनका प्रयोग करते है या फिर अन्य सेवायतों के मांगने पर उन्हें ठाकुरजी की सेवा के लिए देते हैं।
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गौरतलब है कि मंदिर प्रबंधन समिति के पूर्व सदस्य दिनेश गोस्वामी ने जगन्नाथ रथयात्रा पर चांदी के रथ में ठाकुरजी के विराजमान न होने पर आरोप लगाया था कि मंदिर से रथ गायब हो गया है। इस मामले उन्होंने जांच की मांग की थी।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के सेवायत सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि पूर्व सदस्य बिना तथ्यों के इस प्रकार के आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रथ मंदिर के अभिलेखों में दर्ज संपत्ति नहीं है बल्कि एक सेवायत की निजी संपत्ति है। ऐसे में मंदिर से रथ गायब होने का आरोप पूरी तरह भ्रामक है।
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इधर सेवायत ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी का कहना है कि मंदिर में ठाकुरजी के सेवा के लिए उनके पास रथ मौजूद है। उनके पिताजी आनंद किशोर गोस्वामी ने रथ बनवाया था। मंदिर रेलिंग लगी होने के कारण रथ अंदर नहीं जा सकता था। मंदिर प्रबंधन को भी इसके लिए कहा था कि रथ कैसे लेकर जाएं, उन्होंने किसी प्रकार से जवाब नहीं दिया। सेवायत ने बेवजह आरोप लगाया है।
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