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कान्हा की नगरी में रही बम भोले की धूम
अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 24 Feb 2017 11:03 PM IST
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महाशिवरात्रि पर कान्हा की नगरी में बम भोले की धूम रही
- फोटो : अमर उजाला
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महाशिवरात्रि पर कान्हा की नगरी में बम भोले की धूम रही। तड़के तीन बजे से ही शिव भक्तों ने भोले नाथ की पूजा अर्चना की और मनौती मांगी। शिव के दरवार में फल मेवा चढ़ाए और भांग धतूरा का भोग लगाया। शिव भक्तों ने पिंडी का जलाभिषेक व पंचाभिषेक किया। घर घर भोलेनाथ की आराधना की और व्रत रखा।
शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर पूरे जनपद के शिव मंदिरों में भगवान भोले के जयकारे लगाए जाते रहे। शहर में शहर कोतवाल के नाम से विख्यात भूतेश्वर महादेव मंदिर, रंगेश्वर महादेव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, गोकरणनाथ मंदिर, नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, गल्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर, चिंताहरण महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में तड़के तीन बजे से ही पूजा अर्चना की गई।
रामघाट व राजघाट से कांवड़ में गंगाजल लेकर आए युवक तड़के ही परिवारीजनों व मित्रों के साथ मंदिर पहुंच गए और बैंड बाजों के साथ कांवड़ में लाया गया जल शिव की पिंडी पर चढ़ाया। साथ ही नव विवाहित व पुत्र रत्न प्राप्त करने वाली महिलाएं सज धज कर परिवारीजनों व रिश्तेदारों के साथ मंदिर पहुंची और कलश: व गंगाजल चढ़ाकर मनौंती मांगी। इस दौरान महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ का गुणगान किया और भजन प्रस्तुत किए।
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शिवभक्तों ने भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक व पंचाभिषेक किया तथा चंदन, इत्र चढ़ाया और फल व सिंघाड़े चलाकर पूजा की। भांग व धतूरा अर्पण कर सुख समृद्धि की कामना की। तड़के से लेकर देर रात तक शिवालयों में बम भोले के जयकारे लगाए जाते रहे और भक्तों की लाइन लगी रही।
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शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर पूरे जनपद के शिव मंदिरों में भगवान भोले के जयकारे लगाए जाते रहे। शहर में शहर कोतवाल के नाम से विख्यात भूतेश्वर महादेव मंदिर, रंगेश्वर महादेव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, गोकरणनाथ मंदिर, नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, गल्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर, चिंताहरण महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में तड़के तीन बजे से ही पूजा अर्चना की गई।
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रामघाट व राजघाट से कांवड़ में गंगाजल लेकर आए युवक तड़के ही परिवारीजनों व मित्रों के साथ मंदिर पहुंच गए और बैंड बाजों के साथ कांवड़ में लाया गया जल शिव की पिंडी पर चढ़ाया। साथ ही नव विवाहित व पुत्र रत्न प्राप्त करने वाली महिलाएं सज धज कर परिवारीजनों व रिश्तेदारों के साथ मंदिर पहुंची और कलश: व गंगाजल चढ़ाकर मनौंती मांगी। इस दौरान महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ का गुणगान किया और भजन प्रस्तुत किए।
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शिवभक्तों ने भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक व पंचाभिषेक किया तथा चंदन, इत्र चढ़ाया और फल व सिंघाड़े चलाकर पूजा की। भांग व धतूरा अर्पण कर सुख समृद्धि की कामना की। तड़के से लेकर देर रात तक शिवालयों में बम भोले के जयकारे लगाए जाते रहे और भक्तों की लाइन लगी रही।