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अल्लाह से मांगी खैर और बरकत
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 22 May 2016 11:55 PM IST
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शब ए बरात
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शब ए बरात के मौके पर रविवार को मुस्लिम समाज के लोगाें ने पूरी रात अल्लाह की इबादत कर खैर और बरकत की दुआ मांगी। नमाज से पहले कब्रिस्तान में जाकर लोगों ने अपने पूर्वजों को याद किया।
रविवार को इस मौके पर लोगों के घरों में हलवा आदि मिष्ठान बनाकर इसे जरूरतमंदों को बांटा। समाज के लोगों ने कब्रिस्तान में अपने पूर्वजों की कब्र और मजारों पर खुशबू के लिए अगरबत्ती और रोशनी के लिए मोमबत्ती, चिराग आदि जलाकर फतिहा पढ़ा और अपने पूर्वजों को याद किया।
इस्लामिक कैलेंडर के माह शाबान की 14 तारीख को मनाए जाने वाला शब ए बारात अहम दिन है। शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी के उपाध्यक्ष डा. यूनिस कुरैशी ने बताया कि मुसलमानों को चाहिए कि वो अपने नबी के तरीके को अपनाएं। आज की यह रात मुबारक रात है और इस रात में अल्लाह से खैर और बरकत मांगें। इस दिन आने वाले एक वर्ष की जिंदगी की जीविका लिखी जाती है।
रविवार को इस मौके पर लोगों के घरों में हलवा आदि मिष्ठान बनाकर इसे जरूरतमंदों को बांटा। समाज के लोगों ने कब्रिस्तान में अपने पूर्वजों की कब्र और मजारों पर खुशबू के लिए अगरबत्ती और रोशनी के लिए मोमबत्ती, चिराग आदि जलाकर फतिहा पढ़ा और अपने पूर्वजों को याद किया।
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इस्लामिक कैलेंडर के माह शाबान की 14 तारीख को मनाए जाने वाला शब ए बारात अहम दिन है। शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी के उपाध्यक्ष डा. यूनिस कुरैशी ने बताया कि मुसलमानों को चाहिए कि वो अपने नबी के तरीके को अपनाएं। आज की यह रात मुबारक रात है और इस रात में अल्लाह से खैर और बरकत मांगें। इस दिन आने वाले एक वर्ष की जिंदगी की जीविका लिखी जाती है।
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