{"_id":"584abf364f1c1b732a44902f","slug":"servents-doing-jobs-on-officers-residence","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों के घर पर चाकरी कर रहे सेवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों के घर पर चाकरी कर रहे सेवक
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 10 Dec 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की राजस्व वसूली में सहयोग के लिए तनख्वाह पा रहे जिले के सीजनल सेवक अफसरों के घरों पर चाकरी कर रहे हैं। कोई किसी अफसर के घर रसोईया बना है तो कोई गाड़ी चला रहा है। जिले में यह स्थिति 1-2 सीजनल सेवकों की नहीं बल्कि करीब 40 सेवकों की है।
राज्य सरकार ने राजस्व वसूली के लिए सीजनल अमीन और उसके साथ एक सीजनल सेवक की तैनाती का प्रावधान किया है। जिले में भी इस व्यवस्था के तहत 40 अमीन और इसी संख्या में सीजनल सेवकों की तैनाती वर्तमान सीजन के लिए की गई है। लेकिन, सीजनल सेवक अमीनों को राजस्व वसूली में सहयोग देने के बजाए प्रशासनिक अफसरों के घरों पर चाकरी कर रहे हैं।
इसमें डीएम से लेकर सभी एडीएम और एसडीएम तक शामिल हैं। इन प्रशासनिक अफसरों के घरों पर करीब 40 सेवकों की तैनाती है। डीएम आवास पर चार सीजनल सेवक तैनात हैं तो सभी एडीएम के यहां 2-2 सेवक काम कर रहे हैं। सीजनल अमीनों का कार्य क्षेत्र एसडीएम के अधीन होने के कारण सीजनल सेवकों की तैनाती एसडीएम के घरों पर डीएम से कम नहीं है। तहसीलदार भी इस व्यवस्था से अलग नहीं हैं।
विज्ञापन
इस तैनाती में स्थायी अमीनों के 111 स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिले में 90 स्थायी अमीन के साथ तैनात सेवकों की स्थिति भी यही है। इनकी तैनाती भले ही अमीन के साथ हो लेकिन काम साहब के घर पर ही हो रहा है। इसमें अनेक तो एसडीएम और तहसीलदारों की गाड़ियां भी चला रहे हैं।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने राजस्व वसूली के लिए सीजनल अमीन और उसके साथ एक सीजनल सेवक की तैनाती का प्रावधान किया है। जिले में भी इस व्यवस्था के तहत 40 अमीन और इसी संख्या में सीजनल सेवकों की तैनाती वर्तमान सीजन के लिए की गई है। लेकिन, सीजनल सेवक अमीनों को राजस्व वसूली में सहयोग देने के बजाए प्रशासनिक अफसरों के घरों पर चाकरी कर रहे हैं।
विज्ञापन
इसमें डीएम से लेकर सभी एडीएम और एसडीएम तक शामिल हैं। इन प्रशासनिक अफसरों के घरों पर करीब 40 सेवकों की तैनाती है। डीएम आवास पर चार सीजनल सेवक तैनात हैं तो सभी एडीएम के यहां 2-2 सेवक काम कर रहे हैं। सीजनल अमीनों का कार्य क्षेत्र एसडीएम के अधीन होने के कारण सीजनल सेवकों की तैनाती एसडीएम के घरों पर डीएम से कम नहीं है। तहसीलदार भी इस व्यवस्था से अलग नहीं हैं।
विज्ञापन
इस तैनाती में स्थायी अमीनों के 111 स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिले में 90 स्थायी अमीन के साथ तैनात सेवकों की स्थिति भी यही है। इनकी तैनाती भले ही अमीन के साथ हो लेकिन काम साहब के घर पर ही हो रहा है। इसमें अनेक तो एसडीएम और तहसीलदारों की गाड़ियां भी चला रहे हैं।