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Mathura: आयुष्मान कार्ड देख अस्पताल में नहीं किया भर्ती, परिजनों ने कर दिया हंगामा; लगाया ये आरोप
Wed, 05 Feb 2025 12:12 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 05 Feb 2025 12:12 PM IST
सार
आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने पहुंचे बुजुर्ग महिला के परिजनों से अभद्रता हुई। दो घंटे से सभी लोग अस्पताल के गेट पर बैठे हुए थे।
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डीएस अस्पताल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के डीएस अस्पताल में उस समय हंगामा हो गया, जब 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला को आयुष्मान कार्ड देख भर्ती नहीं किया गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के गेट पर हंगामा कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई। पीड़ित की सुनवाई नहीं हो रही है।
अधिवक्ता अभिषेक कौशिक ने बताया कि वे अपनी 96 वर्षीय दादी को बीपी की समस्या होने पर उपचार के लिए डीएस अस्पताल में लेकर आए। उनकी हालत गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा। आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ ने आयुष्मान कार्ड देखकर इलाज करने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि ये अस्पताल आयुष्मान की सूची में शामिल है। फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
दबाव बनाने पर अस्पताल का स्टाफ झगड़ा करने लगा। इस दौरान परिजनों से अभद्रता की गई। उनके भाई का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। पीड़ित की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला शांत कराया, लेकिन चिकित्सक उनकी दादी को देखने तक नहीं आए।
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वहीं इस मामले में डीएस हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर ललित वार्ष्णेय ने बताया कि जो मरीज आया था उनकी उम्र काफी अधिक थी और उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी। मरीज के परिजन आयुष्मान कार्ड से इलाज करना चाहते थे। जबकि आयुष्मान कार्ड का पोर्टल बंद पड़ा हुआ है। वह स्वयं सर्जन हैं। ब्लड प्रेशर के मरीज को भर्ती कर उपचार करने पर मरीज की जान को भी खतरा हो सकता था। इसलिए उन्होंने परिजनों को दूसरी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसी को लेकर मरीज के परिजनों ने हंगामा किया, हालांकि के बाद में मामला निपट गया।
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अधिवक्ता अभिषेक कौशिक ने बताया कि वे अपनी 96 वर्षीय दादी को बीपी की समस्या होने पर उपचार के लिए डीएस अस्पताल में लेकर आए। उनकी हालत गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा। आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ ने आयुष्मान कार्ड देखकर इलाज करने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि ये अस्पताल आयुष्मान की सूची में शामिल है। फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
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दबाव बनाने पर अस्पताल का स्टाफ झगड़ा करने लगा। इस दौरान परिजनों से अभद्रता की गई। उनके भाई का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। पीड़ित की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला शांत कराया, लेकिन चिकित्सक उनकी दादी को देखने तक नहीं आए।
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वहीं इस मामले में डीएस हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर ललित वार्ष्णेय ने बताया कि जो मरीज आया था उनकी उम्र काफी अधिक थी और उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी। मरीज के परिजन आयुष्मान कार्ड से इलाज करना चाहते थे। जबकि आयुष्मान कार्ड का पोर्टल बंद पड़ा हुआ है। वह स्वयं सर्जन हैं। ब्लड प्रेशर के मरीज को भर्ती कर उपचार करने पर मरीज की जान को भी खतरा हो सकता था। इसलिए उन्होंने परिजनों को दूसरी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसी को लेकर मरीज के परिजनों ने हंगामा किया, हालांकि के बाद में मामला निपट गया।