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Mathura News: भवसागर पार लगाने वाले संत की खोज कर उनकी सेवा करें
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मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित सत्संग में प्रवचन देते पंकज महाराज।
- फोटो : mathura
मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम में पांच दिवसीय वार्षिक भंडारा सत्संग मेला चल रहा है। सोमवार को तीसरे दिन संस्था अध्यक्ष पंकज महाराज ने श्रद्धालुओं को नामदान देकर, सत्गुरु महिमा, शाकाहार प्रचार और शब्द, नाम कमाई करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वह कुल मालिक जब किसी जीव को पार करना चाहता है तो किसी संत के जरिये अपना भेद प्रकट करता है। भवसागर से पार होने की इच्छा रखने वालों को संत की खोज कर उनकी सेवा, सत्संग और नाम की कमाई करनी चाहिए। उन्होंने अपने सतगुरु का पल-पल, श्वांस-श्वांस पर सुमिरन करते रहना चाहिए। नाम का सुमिरन ही दुनिया के सुमिरन को काटता है। नाम कमाई करने वाले महसूस करते हैं कि हम शरीर नहीं है अपितु इसमें कैदी हैं। मनुष्य शरीर चौरासी लाख योनियों से निकलने का एकमात्र अवसर है। इसलिए नाम की कमाई करके अपने ख्याल को नौ दरवाजों से खींचकर दसवें द्वार पर पहुंचाने पर शब्द का स्वाद, लज्जत मिलने लगती है और मन शांत हो जाता है।
उन्होंने बाबा जयगुरुदेव महाराज द्वारा 1970 के दशक में की गईं भविष्यवाणियों की तरफ इशारा किया यदि लोग शाकाहार और नशा मुक्त जीवन शैली नहीं अपनाएंगे तो पहले बीमारियों की आंधी चलेगी फिर तूफान आएगा और फिर सुनामी आएगी। उन्होंने सभी से अपील की शाकाहारी रहें और नशीली वस्तुओं का सेवन बंद कर दें। जब आप राम, कृष्ण, बजरंग बली और बौद्ध को मानते हैं तो उनके आदर्शों पर चलना भी सीखें।
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उन्होंने कहा कि वह कुल मालिक जब किसी जीव को पार करना चाहता है तो किसी संत के जरिये अपना भेद प्रकट करता है। भवसागर से पार होने की इच्छा रखने वालों को संत की खोज कर उनकी सेवा, सत्संग और नाम की कमाई करनी चाहिए। उन्होंने अपने सतगुरु का पल-पल, श्वांस-श्वांस पर सुमिरन करते रहना चाहिए। नाम का सुमिरन ही दुनिया के सुमिरन को काटता है। नाम कमाई करने वाले महसूस करते हैं कि हम शरीर नहीं है अपितु इसमें कैदी हैं। मनुष्य शरीर चौरासी लाख योनियों से निकलने का एकमात्र अवसर है। इसलिए नाम की कमाई करके अपने ख्याल को नौ दरवाजों से खींचकर दसवें द्वार पर पहुंचाने पर शब्द का स्वाद, लज्जत मिलने लगती है और मन शांत हो जाता है।
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उन्होंने बाबा जयगुरुदेव महाराज द्वारा 1970 के दशक में की गईं भविष्यवाणियों की तरफ इशारा किया यदि लोग शाकाहार और नशा मुक्त जीवन शैली नहीं अपनाएंगे तो पहले बीमारियों की आंधी चलेगी फिर तूफान आएगा और फिर सुनामी आएगी। उन्होंने सभी से अपील की शाकाहारी रहें और नशीली वस्तुओं का सेवन बंद कर दें। जब आप राम, कृष्ण, बजरंग बली और बौद्ध को मानते हैं तो उनके आदर्शों पर चलना भी सीखें।
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