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UP: प्राइवेट स्कूल संचालकों ने चुपके से बढ़ा दी फीस, वेबसाइट पर कोई अपडेट नहीं...अभिभावक हुए परेशान
Tue, 08 Apr 2025 01:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Apr 2025 01:05 PM IST
सार
मथुरा में प्राइवेट स्कूल की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। स्कूल संचालकों ने फीस बढ़ा दी। इसकी जानकारी स्कूल की वेबसाइट और न ही नोटिस बोर्ड पर दी गई।
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Student demo, School demo, classroom
- फोटो : AI generated
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विस्तार
मथुरा के निजी स्कूल संचालक मनमानी करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ रहे। कोर्स और यूनिफॉर्म बिक्री के लिए चुनिंदा दुकानदारों से सेटिंग हो या गुपचुप तरीके से फीस बढ़ाना। अभिभावकों का कहना है कि इस शैक्षणिक सत्र में भी निजी स्कूलों ने फीस वृद्धि की है। फीस बढ़ाने से पहले उन्हें किसी तरह की जानकारी भी नहीं दी। यही नहीं न तो स्कूल संचालकों ने स्कूल की वेबसाइट और न ही नोटिस बोर्ड पर फीस का ब्योरा दर्ज किया है।
फीस में बढ़ोतरी करने से पहले स्कूल प्रबंधन को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में प्रस्ताव रखना होता है। कमेटी के निर्णय के बाद ही उन्हें इसका अधिकार दिया जाता है। खास बात यह है कि शुल्क नियामक समिति की बैठक की तिथि भी अभी तय नहीं हुई और स्कूल संचालकों ने फीस वृद्धि कर अभिभावकों का उत्पीड़न शुरू कर दिया है। छात्र अभिभावक कल्याण संघ के संस्थापक शशि भानु गर्ग के अनुसार स्कूल संचालक पुराने छात्रों से भी प्रवेश शुल्क वसूल रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हो सका है।
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फीस में बढ़ोतरी करने से पहले स्कूल प्रबंधन को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में प्रस्ताव रखना होता है। कमेटी के निर्णय के बाद ही उन्हें इसका अधिकार दिया जाता है। खास बात यह है कि शुल्क नियामक समिति की बैठक की तिथि भी अभी तय नहीं हुई और स्कूल संचालकों ने फीस वृद्धि कर अभिभावकों का उत्पीड़न शुरू कर दिया है। छात्र अभिभावक कल्याण संघ के संस्थापक शशि भानु गर्ग के अनुसार स्कूल संचालक पुराने छात्रों से भी प्रवेश शुल्क वसूल रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हो सका है।
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देना होता है ब्योरा
हर वर्ष निजी स्कूल संचालकों को बच्चों की फीस में बढ़ोतरी करने संबंधित ब्योरा शिक्षा विभाग को देना होता है। निजी स्कूल अगर बच्चों की फीस में किसी तरह से बढ़ोतरी करते है तो उन्हें ये बताना होता है की शिक्षा के नए सत्र में बच्चों को क्या क्या सुविधा दी जाएगी, उनका क्या खर्च बढ़ा हैं। पिछले वर्ष कितनी फीस ली जा रही थी। इस बार क्या ली जाएगी। ये सब जानकारी विभाग को ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होती है।
हर वर्ष निजी स्कूल संचालकों को बच्चों की फीस में बढ़ोतरी करने संबंधित ब्योरा शिक्षा विभाग को देना होता है। निजी स्कूल अगर बच्चों की फीस में किसी तरह से बढ़ोतरी करते है तो उन्हें ये बताना होता है की शिक्षा के नए सत्र में बच्चों को क्या क्या सुविधा दी जाएगी, उनका क्या खर्च बढ़ा हैं। पिछले वर्ष कितनी फीस ली जा रही थी। इस बार क्या ली जाएगी। ये सब जानकारी विभाग को ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होती है।
बोले अभिभावक
अभिभावक गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि स्कूल संचालक हर साल बच्चाें की फीस बढ़ा रहे हैं। जबकि सुविधा जस की तस है। फीस बढ़ाने की जानकारी पहले से नहीं दी जा रही है। वहीं अंजली गुप्ता ने कहा कि स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जिससे अभिभावकों को राहत मिल सके।
अभिभावक गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि स्कूल संचालक हर साल बच्चाें की फीस बढ़ा रहे हैं। जबकि सुविधा जस की तस है। फीस बढ़ाने की जानकारी पहले से नहीं दी जा रही है। वहीं अंजली गुप्ता ने कहा कि स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जिससे अभिभावकों को राहत मिल सके।