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मथुरा: मान्यता संबंधी मानक पूरे न करने पर गिर सकती है उच्च शिक्षण संस्थाओं पर गाज
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मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले के बाद अब उच्च शिक्षण संस्थाओं पर गाज गिरने की बारी है। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं में से अधिकतर शिक्षण संस्थाओं द्वारा मान्यता संबंधी मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है। बिना मान्यता संबंधी मानकों को पूरा किए ही डिग्री तथा डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। यहां तक कि उनके द्वारा छात्रवृत्ति में भी छात्रवृत्ति संबंधी मानकों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
जनपद के नोडल अधिकारियों द्वारा सत्यापन के दौरान 80 प्रतिशत शिक्षण संस्थाओं में कमियां पाई हैं, उनके द्वारा इस रिपोर्ट को जिला विद्या निरीक्षक को सौंपा जा रहा है। करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले के बाद में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी द्वारा राजकीय महाविद्यालय मांट के डॉक्टर सत्येंद्र सिंह चाहर तथा डॉ. धर्मवीर सिंह को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संचालित उच्च शिक्षण संस्थाओं का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके द्वारा पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग में बैठकर इन उच्च शिक्षण संस्थाओं के कागजातों की जांच की जा रही है। इन कागजातों में नोडल अधिकारियों को अधिकतर शिक्षण संस्थाओं के मान्यता में भारी कमियां मिली हैं।
नोडल अधिकारी के अनुसार उच्च शिक्षण संस्थाओं द्वारा मान्यता के लिए फीस संबंधी मानकों में अनियमितताएं की जा रही हैं उनके द्वारा निर्धारित फीस से अधिक फीस रखी जा रही है। यहां तक कि जो फीस प्राप्त होती है उसके खर्चे को भी अपनी मनमर्जी तरीके से किया जा रहा है। नोडल अधिकारी सत्येंद्र सिंह चाहर ने बताया कि उनके द्वारा इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक को रिपोर्ट दी जा रही है।
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जनपद के नोडल अधिकारियों द्वारा सत्यापन के दौरान 80 प्रतिशत शिक्षण संस्थाओं में कमियां पाई हैं, उनके द्वारा इस रिपोर्ट को जिला विद्या निरीक्षक को सौंपा जा रहा है। करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले के बाद में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी द्वारा राजकीय महाविद्यालय मांट के डॉक्टर सत्येंद्र सिंह चाहर तथा डॉ. धर्मवीर सिंह को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संचालित उच्च शिक्षण संस्थाओं का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके द्वारा पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग में बैठकर इन उच्च शिक्षण संस्थाओं के कागजातों की जांच की जा रही है। इन कागजातों में नोडल अधिकारियों को अधिकतर शिक्षण संस्थाओं के मान्यता में भारी कमियां मिली हैं।
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नोडल अधिकारी के अनुसार उच्च शिक्षण संस्थाओं द्वारा मान्यता के लिए फीस संबंधी मानकों में अनियमितताएं की जा रही हैं उनके द्वारा निर्धारित फीस से अधिक फीस रखी जा रही है। यहां तक कि जो फीस प्राप्त होती है उसके खर्चे को भी अपनी मनमर्जी तरीके से किया जा रहा है। नोडल अधिकारी सत्येंद्र सिंह चाहर ने बताया कि उनके द्वारा इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक को रिपोर्ट दी जा रही है।
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